
भारतीय जन नाट्य संघ (इंडियन प्रोग्रेसिव थिएटर एसोसिएशन) यानी इप्टा ने बहुत ही संज़ीदगी के साथ जाने माने लेखक, पत्रकार, और फिल्मकार ख्वाज़ा अहमद अब्बास को याद किया... इसी कड़ी में अब्बास की फिल्मों और खासकर उनकी फिल्म हिना को केन्द्र में रखकर उनकी रचनात्मक दृष्टि पर चर्चा हुई... इसकी रिपोर्ट इप्टा की ओर से 7 रंग के लिए अर्पिता ने भेजी है... Read More



बनारस घराने के कई जाने माने कलाकारों ने संगीत से मुश्किल से मुश्किल बीमारियों के इलाज और इसके असर को लेकर कई अहम बातें कही हैं। इन कलाकारों में उस्ताद बिस्मिल्ला खां की दत्तक पुत्री जानी मानी लोक और शास्त्रीय गायिका पद्मश्री डॉ सोमा घोष और तृप्ति शाक्य के अलावा मशहूर सितारवादक पंडित देवव्रत मिश्र और वायलिनवादक सुखदेव प्रसाद मिश्र, फिल्मकार शुभेन्दु


(डॉ रवीन्द्र राजहंस बेशक प्रोफेसर रवीन्द्रनाथ श्रीवास्तव हों, अंग्रेज़ी साहित्य के उम्दा प्रोफेसर हों, ‘अमेरिकी आलोचना में शिकागो स्कूल ऑफ क्रिटिसिज्म’ जैसे जटिल विषय पर पीएचडी किया हो, लेकिन हिन्दी व्यंग्य लेखन और कविता में जो उनकी पहचान रही, समाज और सत्ता की विद्रूपता को देखने की जो उनकी दृष्टि रही, वह उन्हें सबसे अलग करती है। ज़िंदगी के शुरुआती द