
भारत में आधुनिकता का जन्म कैसे हुआ, इसको लेकर पहले यह अवधारणा रही कि यह आधुनिकता पश्चिम से आयातित है यानी जब भारत का संपर्क पश्चिमी देशों से हुआ और वहां से ज्ञान विज्ञान की शाखाएं भारत में फैली तो यहां आधुनिकता का जन्म हुआ लेकिन अब इस आधुनिकता को लेकर एक नई तरह की अवधारणा विकसित हो रही है कि भारतीय आधुनिकता का उत्स भारत में ही है,उसका उत्स पश्चिम में नहीं है भले ही पश्चिम के साथ उसका स
Read More

पिछले दिनों राजधानी में एक ऐसी शाम बीती जो हिंदुस्तानी संगीत की एक तपस्विनी के नाम रही जिसने संगीत के तीन घराने की गायकी की और वह एक जीता जागता इतिहास बन चुकी हैं। 23 दिसम्बर 1927 को राजस्थान में जन्मी शन्नो खुराना ने लाहौर रेडियो से 25 रुपए के पारिश्रमिक से 1945 में अपने गायन की शुरुआत की थी। पद्मविभूषण से सम्मानित शन्नो खुराना 1956 में शीला भाटिया के हीर रांझा ओपेरा से मशहूर हुई थीं। उन्हों�
Read More
लखनऊ में आयोजित पुस्तक मेले के दौरान हर रोज़ कोई न कोई किताब अपनी उपस्थिति दर्ज़ करा रही है और उसपर चर्चा किताबों के इस फलक का विस्तार कर रही है। इसी कड़ी में कवि कौशल किशोर की नई किताब समय, समाज और साहित्य ने भी पाठकों का ध्यान खींचा। जन संस्कृति मंच (जसम) ने इस किताब पर एक गंभीर चर्चा का कार्यक्रम रखा। वरिष्ठ साहित्यकार और अनुवादक शकील सिद्दीकी ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते ह�
Read More
बीते जमाने की मशहूर कथक नृत्यांगना रोशन कुमारी नहीं रही। 5 अक्तूबर को मुंबई में 89 साल की इस नृत्यांगना ने आखिरी सांस ली। संगीत और नृत्य की शुरुआती शिक्षा उन्होंने अपनी मां और अपने ज़माने की मशहूर गायिका जोहराबाई अंबालेवाली और अपने तबलावादक पिता चौधरी फ़कीर मोहम्मद से ली थी। आपको सत्यजीत राय की क्लासिक फिल्म जलसाघर याद होगी, रोशन कुमारी ने उसमें अपनी यादगार भूमिका से लोगों के दिल
Read More
बंगाल में नटी विनोदिनी को एक कल्चरल आइकॉन माना जाता है लेकिन गौहर जान को वह दर्जा नहीं मिला जबकि उनक़ा कद नटी विनोदिनी से कम नहीं था। कल शाम कोलकत्ता के भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के सत्यजीत राय सभागार में देश में ग्रामोफोन रिकॉर्डिंग के 125,वर्ष के मद्दे नजर पहली ग्रोमोफोन क्वीन गौहर जान की स्मृति में आयोजित एक शानदार डांस ड्रामा से पूर्व चर्चा में यह सवाल शिक्षयतन कालेज में सह
Read More