
17 दिनों की चहल पहल, करीब दो सौ से ज्यादा नाटकों के मंचन और तमाम पुस्तकों के लोकार्पण के साथ भारत रंग महोत्सव का 25वां संस्करण खत्म हो गया। एनएसडी का यह चर्चित आयोजन रंगकर्मियों के लिए एक नई उम्मीद और उत्साह लेकर आता है और अब इसका दायरा पहले से कहीं बड़ा हो गया है। आयोजन बेशक सरकारी तामझाम और सीमाओं में बंधा हो, लेकिन यहां कला और संस्कृति के तमाम रूप सामने आते हैं। 7 र






भारंगम में रूसी और जर्मन महिला निर्देशकों के भी नाटक
इस बार भारंगम में महिला निर्देशकों के नाटक भी काफी हो रहे हैं और दिल्ली के अलावा बाहर भी इसके मंचन हो रहे हैं।इस पर वरिष्ठ पत्रकार अरविंद कुमार की रिपोर्ट।
Read More
