मीडिया और सोशल मीडिया पर अप्पा को नमन…
7 Rang
October 25, 2017

तमाम अखबार, सोशल मीडिया और टेलीविज़न चैनल ठुमरी साम्राज्ञी और बनारस घराने की अभूतपूर्व शख्सियत गिरिजा देवी को अपने अपने तरीके से श्रद्धांजलि दे रहे हैं... हर कोई इस महान गायिका की तमाम यादों और मन में बस जाने की उनकी गायन शैली के बारे में अपनी भावनाएं अभिव्यक्त कर रहा है... सोशल मीडिया के कुछ साथियों की पोस्ट हम आपको पढ़वाते हैं.. साथ ही अमर उजाला का वो शानदार पेज भी आपके लिए लाए हैं जो

अपने संस्कार और संस्कृति को कभी मत छोड़िए – गिरिजा देवी
7 Rang
October 25, 2017

दैनिक हिन्दुस्तान  में 19 मार्च, 2016 से 16 अप्रैल, 2016 के बीच हर रविवार प्रकाशित हाने वाले कॉलम 'मेरी कहानी' में पांच क​ड़ियों में गिरिजा देवी से बातचीत पर आधारित उनके जीवन से जुड़े कुछ अनछुए पहलू प्रकाशित हुए थे। हम आपके लिए गिरिजा देवी के जीवन से जुड़ी उन कहानियों की पांचों कड़ियां  दैनिक हिन्दुस्तान से साभार पेश कर रहे हैं।

सूना हो गया बनारस घराना…
7 Rang
October 25, 2017

गिरिजा देवी का जाना बनारस घराना आज एकदम सूना हो गया। ठुमरी, दादरा और उपशास्त्रीय गायन की तमाम शैलियों की महारानी गिरिजा देवी का जाना एक गहरे आघात जैसा है। उनकी जीवंतता, उनकी आवाज़ और व्यक्तित्व की सरलता किसी को भी अपना बना लेने वाली रही है। वो हमारे घर की एक ऐसे बुज़ुर्ग की तरह लगती थीं मानो उनसे हमारी कई कई पीढ़ियों को बहुत कुछ सीखना हो। आवाज़ की वो गहराई, जह

ये ‘स्वच्छता अभियान’ सफ़ाई है या सफ़ाया…
7 Rang
October 23, 2017

अमर उजाला की साहित्यिक बैठक की ताज़ा जुगलबंदी    Read More

देर तक जलने वाली रोशनी की तरह…
7 Rang
October 22, 2017

संबलपुरी-कोस्ली भाषा के कवि पद्मश्री हलधर नाग को करीब से जानिए • देव प्रकाश चौधरी अंगोछे को कंधे पर धरे हुए,अपनी चीजों, अपने पेड़ पौधों, पालतू जानवरों और अपने परिजनों की सुबह-शाम से घिरे हुए, हलधर नाग के होने का मतलब सिर्फ याद है। उडीसा के इस कवि की याद में कभी कोई चूक नहीं होती। उनका बीत चुका समय उनकी स्मृति में एकत्र होता रहता है और अक्सर कविता के रूप

बीएचयू और लखनऊ में प्रेमचंद की कहानियां
7 Rang
October 14, 2017

'रंगलीला' के संस्थापक रंगकर्मी और पत्रकार अनिल शुक्ल की कलम से...   आंदोलन की लम्बी गहमागहमी और बंदी के सन्नाटे से उबरने के बाद बीएचयू ताज़ा-ताज़ा खुला ही था जब हम वहां पहुंचे। 8 अक्टूबर, प्रेमचंद की पुण्यतिथि का दिन। वहां अपने कार्यक्रम '

इस हवेली की दर-ओ-दीवार के रंग को पहचानिए…
7 Rang
October 14, 2017

ज़िंदगी के महज 28 सालों में कोई कितना कुछ कर सकता है, कितनी उपलब्धियां हासिल कर सकता है और कौन सा मुकाम हासिल कर सकता है... यह जानना है तो महान पेंटर और भारतीय कला को एक नया आयाम देकर अमर हो जाने वाली अमृता शेर गिल को याद कीजिए। भारतीय कला की जब भी बात होती है, राजा रवि वर्मा को तो सब याद करते ही हैं लेकिन आधुनिक भारतीय कला की जनक के तौर पर अगर किसी का नाम लिया जाता है तो वह अमृता

जहां ग़म भी न हो, आंसू भी न हो…
7 Rang
October 13, 2017

एक ऐसी दुनिया की कल्पना, एक ऐसे खुशनुमा समाज का सपना और हर तरफ प्यार ही प्यार की तमन्ना लिए 58 साल की उम्र में किशोर दा ने बेशक सबको अलविदा कह दिया हो, लेकिन वो हमेशा सबके बीच हैं... उसी तरन्नुम में, उसी अंदाज़ में और अपने उन्हीं खूसूरत सपनों के साथ....  उनके बड़े भाई अशोक कुमार ने उन्हें इस लायक बनाया, उनकी प्रतिभा को मंच दिया, तमाम मौके दिए और किशोर को किशोर बनाया... संयोग देखिए दादा मुनि  के ज

प्रेमचंद के गांव में होने के मायने…
7 Rang
October 12, 2017

जाने माने रंगकर्मी, पत्रकार और संस्कृतिकर्मी अनिल शुक्ल की कलम से.... प्रेमचंद का गाँव यानि वाराणसी ज़िले (उप्र०) का लमही गाँव! बीते इतवार (8 अक्टूबर) की सांझ हम प्रेमचंद के गाँव में थे। हम यानि रंगलीला 'क

इनकी चादर मैली नहीं होगी !
7 Rang
October 12, 2017

 पंजाब के रंगमंच को करीब से देखिए... पंजाब के साहित्य और वहां के लोक रंगमंच की परंपरा काफी पुरानी और समृद्ध रही है। पंजाबी रंगमंच की जननी मैडम नौरा रिचर्डस और प्रो. आईसी नंदा को माना जाता है जिन्होंने 103 साल पहले छह अप्रैल, 1914 को पंजाबी नाटक 'दलहन' का मंचन सबसे पहले लाहौर के दियाल सिंह कालेज में किया था। इंकलाब के इस दौर में पंजाब के रंगमंच पर भगत सिंह के दर्शन का

Copyright 2024 @ Vaidehi Media- All rights reserved. Managed by iPistis