पृथ्वी थियेटर ,मुंबई महानगर के उपनगर , जुहू में एक ऐसा मुकाम है जहां बहुत सारे लोगों ने अपने सपनों को रंग दिया है .यह थियेटर अपने पिता स्व पृथ्वीराज कपूर की याद में शशि कपूर और उनकी पत्नी जेनिफर कपूर से बनवाया था. शशि कपूर अपने परिवार में एक अलग तरह के इंसान थे .उनकी मृत्यु की खबर सुनकर उनके गैरफिल्मी काम की याद आ गयी जो दुनिया भर में नाटक की
कोई वाद नहीं, फिर भी असली जनवादी
कुंवर नारायण बेशक 90 साल के हो गए हों, बीमार भी रहे हों, लेकिन उनका चले जाना कई स्मृतियों को फिर से ताजा कर गया। लखनऊ में हुई उनसे एकाध मुलाकातें और कुछ समारोहों में उनकी बेहद संज़ीदा और सरल उपस्थिति। वो किसी वाद के शिकार नहीं थे फिर भी वो जनवादी थे। वो किसी विचारधारा में बंधे नहीं थे लेकिन लिखने में वो आपके बेहद करीब खड़े दिखते थे, एकदम हमारे आ
बेंगलुरु में मार्शल आर्ट्स और लोक कलाओं का अनोखा खेलबाल दिवस के मौके पर हर साल होता है मक्काला हब्बा....
कर्नाटक में बाल दिवस के मौके पर हर साल 'मक्काला हब्बा' के नाम से एक बेहतरीन आयोजन होता है। इस मौके पर राज्य के सभी मंत्रालय और
नहीं रहे मनुष्यता के लेखक मनु शर्मा
♦ आलोक श्रीवास्तव
साल 2005, जुलाई की कोई तारीख़. भोपाल की प्रिंट पत्रकारिता से सीधे दिल्ली आया था. वो भी टीवी पत्रकारिता में. जीवन में इस बड़े बदलाव का श्रेय वरिष्ठ पत्रकार और अग्रज हेमंत शर्मा जी को जाता है. वही लाए थे भोपाल से दिल्ली. विदिशा जैसे छोटे से नगर का युवा पहली बार दिल्ली में न्यूज़ टीवी चैनल का भव्य और सुसज्जित दफ
कृष्ण को समझना है तो मनु शर्मा का उपन्यास 'कृष्ण की आत्मकथा' पढ़िए
जाने माने साहित्यकार मनु शर्मा अपने पीछे साहित्य की एक ऐतिहासिक विरासत छोड़कर पंचतत्व में विलीन हो गए। वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर उन्हें अंतिम विदाई देने वालों की आंखें नम थीं। पद्मश्री मनु शर्मा को पौराणिक कथाओं और पात्रों को आधुनिक संदर्भ में उपन्यासों-कहानियों के जरिए जीवंत करने वा
विजयदान देथा की कहानियां महज ‘कहानियां’ नहीं हैं….
विजयदान देथा ने साहित्य को क्या दिया और उनकी कहानियों पर बनी कुछ चुनिंदा फिल्मों ने अपनी क्या छाप छोड़ी, ये समझना है तो देथा को जानना ज़रूरी है। बेशक देथा राजस्थान के हों, उनकी कहानियों में परिदृष्य भी वहीं के हों, लेकिन जो सवाल उन्होंने उठाए और जिस रचना संसार के लिए वो जाने जाते हैं उसका दायरा बहुत बड़ा
एनजीएमए में दिग्गजों ने कहा - स्कूलों में कला की शिक्षा अनिवार्य हो
नई दिल्ली। कला जगत के तमाम दिग्गज इस बात से खासे चिंतित हैं कि भले ही कला और संस्कृति को बचाने या बढ़ाने के नाम पर तमाम वादे और दावे किए जाते रहे हों, लेकिन ज़मीनी स्तर पर आज भी इसे हाशिए पर ही रखा ज
स्टंट मास्टर और मार्शल आर्ट के लीजेंड हसन रघु का सम्मान
अखिल भारतीय लोक व आदिवासी कला परिषद के जनरल सेक्रेटरी, मार्शल आर्ट के मास्टर और अपने स्टंट की बदौलत फिल्म इंडस्ट्री में अलग पहचान बनाने वाले हसन को उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए कर्नाटक सरकार ने राज्योत्सव अवार्ड से सम्मानित किया। बेंगलुरू के एक राजकीय समारोह में मुख्यमंत्री सिद्धारमैय्या और संस्
नेशनलमिनीअचरकैम्पकाआयोजन
लघु चित्रकलाएं उन कलाओं में से एक है जिनका सीधा सम्बन्ध हमारी लोक कला और संस्कृति से है। लघुचित्र कलाएँ भारत की धरोहर रही हैं चाहे वो राजस्थानी हो, कांगड़ा हो या पहाड़ी। लघु चित्रकला भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो सदियों से हमारी सांस्कृतिक विरासत को अपने में सजोये हुए है।
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