देश विदेश के अलग अलग हिस्सों में भारतीय साहित्य, कला और संस्कृति से जुड़े तमाम कार्यक्रम होते हैं, ढेर सारी गतिविधियां होती हैं। कई ख़बरें भी होती हैं जो हम तक नहीं पहुंच पातीं। गोष्ठियां, कार्यशालाएं होती हैं, रंगकर्म की तमाम विधाओं की झलक मिलती है और लोक संस्कृति के कई रूप दिखते हैं। नए कलाकार, नई प्रतिभाएं और संस्थाएं साहित्य-संस्कृति को समृद्ध करने की कोशिशों में लगे रहते हैं लेकिन उनकी जानकारी कम ही लोगों तक पहुंच पाती है। हमारी कोशिश है कि इस खंड में हम ऐसी ही गतिविधियों और ख़बरों को शामिल करें … चित्रों और वीडियो के साथ।


गतिविधियां/ख़बरें
बच्चों पर तनी बंदूकें भी हो चुकी हैं कला – मोहन राणा
7 Rang
September 9, 2025

नब्बे के दशक के बेहद संवेदनशील कवि मोहन राणा की। कविता का शीर्षक है घर। कई बरसों के बाद मोहन राणा पिछले दिनों भारत आए। रहते वो इंग्लैंड में हैं। वहीं का एक शहर है - बाथ जहां मोहन राणा रहते हैं। अब तो ब्रिटेन के नागरिक भी हो गए हैं। दिल्ली में जन्में, पले बढ़े और पढ़े। जब दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ते थे तो कला, साहित्य और खासकर कविता में दिलचस्पी हुई। जनसत्ता और नवभारत टाइम्स जैसे अख

Read More
मानवीय संवेदनाओं की अनुपम अभिव्यक्ति ‘आदाब अर्ज़ है’ 
7 Rang
August 4, 2025

गुरुग्राम स्थित नाट्य संस्था ‘रंग परिवर्तन’ की ओर से रविवार 3 अगस्त को  मोलिएर के नाटक ‘द मॉक डॉक्टर’ के हिंदी रूपांतरण ‘आदाब अर्ज है’ की प्रस्तुति प्रेक्षकों के लिए अविस्मरणीय रंग-अनुभव रही। फ्रांसीसी नाटककार मोलिएर का यह नाटक मानवीय मन की मूलभूत भावनाओं को हास्यपूर्ण और संवेदनशील ढंग से सामने लाता है। वरिष्ठ रंगकर्मी महेश वशिष्ठ के निर्देशन में यह प्रस्तुति आंगिक अभिनय के प

Read More
‘इन दबी सिसकियों से क्या होगा, लोग बहरे हैं चीखना होगा’
7 Rang
July 21, 2025

ग़ाजियाबाद में साहित्य की नई धारा बहने लगी है, कवियों और शायरों ने यहां समां बांध रखा है। चाहे कथा संवाद हो या बारादरी, कहानी और शायरी के नए रंग फूटने लगे हैं। कई वरिष्ठ तो कई नए रचनाकारों की सक्रियता ने यहां शब्दों और भावनाओं की रचनात्मक अभिव्यक्ति को नया आयाम दिया है। इस बार की बारादरी में मशहूर शायर और कार्यक्रम के अध्यक्ष मोईन शादाब ने कहा कि गंगा जमुनी तहजीब की महफ़िल 'बारादरी'

Read More
आज मीडिया एक हथियार बन गया है – हरिवंश
7 Rang
July 19, 2025

17 जुलाई को जब गंगा की लहरों पर सूर्य की अंतिम किरणें झिलमिला रही थीं, वाराणसी की वह शाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई। नागरी प्रचारिणी सभा के आर्यभाषा पुस्तकालय परिसर में वरिष्ठ पत्रकार विजय विनीत की बहुचर्चित पुस्तक ‘जर्नलिज्म AI’ के लोकार्पण के दौरान आज के दौर की पत्रकारिता और तकनीकी क्रांति के नए आयामों के तमाम अनछुए, अनकहे पन्ने खुल गए। अपने ज़माने के मशहूर पत्रकार, संपादक, चि

Read More
जन सरोकारों के कथा शिल्पी थे से रा यात्री: कथा संवाद
7 Rang
July 14, 2025

गाजियाबाद में साहित्य की परंपरा को एक अहम मुकाम तक पहुंचाने वाले कथा शिल्पी से रा यात्री की कथा यात्रा के कई पड़ाव रहे। उनकी कहानियों में समाज और सियासत के साथ रिश्तों के इतने शेड्स मिलते हैं कि आज भी इस कथाकार की रचनाशीलता और दृष्टि की गहराई को समझ पाना आसान नहीं है। जीवन के आखिरी दिनों तक से रा यात्री जनतांत्रिक मूल्यों की बात करते रहे, सरकार और व्यवस्था के संवेदनहीन रवैये को लेक

Read More
 नितिन के कैमरे में कैद कुंभ में स्त्रियाँ
7 Rang
June 1, 2025

एक युवा छायाकार अगर अपने कैमरे में आम जनता की जीवन शैली, अपने देश की परंपराएं और मनोभावों को कैद करता है, उनकी बारीकियों को पकड़ता है तो बेशक उसकी दृष्टि आने वाले दिनों में उसे एक बड़े छायाकार की संभावना जगाती है। दिल्ली में युवा फोटोग्राफर नितिन गुप्ता की फोटो प्रदर्शनी में ऐसी ही संभावनाओं से भरे चित्र देखे जा सकते हैं... विमल कुमार की एक रिपोर्ट

Read More
साहित्य ही नहीं बदला, अकादमी भी बदल गयी है
7 Rang
May 31, 2025

साहित्यकारों, लेखकों के लिए और खासकर साहित्य की सबसे बड़ी अकादेमी के लिए यह विषय अहम है -  बदलते दौर में कितना बदला साहित्य। अक्सर इस विषय पर चर्चाएं होती भी रहती हैं, लेकिन इस बार यह खास इसलिए बन गया क्योंकि इसका आयोजन साहित्य अकादेमी ने राष्ट्रपति भवन परिसर के भव्य सांस्कृतिक केन्द्र में हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इसका उद्घाटन किया और संस्कृति मंत्री से लेकर मंत्रालय के

Read More
स्त्रीवादी साहित्य पुरुष विरोधी नहीं – महुआ माजी
7 Rang
May 30, 2025

साहित्य के मौजूदा स्वरूप और चुनौतियों के बारे में अक्सर चर्चाएं होती रही हैं, समकालीन लेखन से लेकर तकनीक के इस बदलते दौर में पढ़ने लिखने की छूटती आदत पर भी चिंता जताई जाती रही है, लेकिन साहित्य अकादमी ने दो दिनों तक जो चर्चा की उसमें इसके तमाम पहलू सामने आए। खास बात यह कि यह पूरा आयोजन राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केन्द्र में हुआ और खुद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इसका उद्घाटन किय

Read More
कालजयी साहित्य की पहचान स्थायी मानवीय मूल्य की स्थापना – द्रौपदी मुर्मु
7 Rang
May 29, 2025

साहित्य अकादेमी और राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आज ‘कितना बदल चुका है साहित्य? विषयक दो दिवसीय साहित्यिक सम्मिलन का उद्घाटन भारत की माननीय राष्ट्रपति महामहिम श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र, नई दिल्ली में किया। उन्होंने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि 140 करोड़ देशवसियों के हमारे परिवार में अनेक भाषाएँ और अनगिनत बोलियाँ है

Read More
रामभक्त सुन्नी ने पाकिस्तान को हराया !
7 Rang
May 12, 2025

वयोवृद्ध पत्रकार के विक्रम राव नहीं रहे। आखिरी वक्त तक लिखते पढ़ते रहे। रोज़ उनका कोई न कोई आलेख किसी भी मौजूं विषय पर पढ़ा जा सकता था। लिखने पढ़ने के साथ उन्होंने पत्रकारों के हित के लिए कई काम किए। शुरु से ही इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट (IFWJ) के अध्यक्ष रहे और पत्रकारों के तमाम सवालों को उठाते रहे। चाहे वह वेतन बोर्ड की सिफारिशों को लागू करवाना हो या फिर छंटनी का सवाल, साथ ही

Read More
Copyright 2024 @ Vaidehi Media- All rights reserved. Managed by iPistis