
सुंदर समुद्री तट, सेलुलर जेल के अलावा भी बहुत कुछ है अंडमान में...
अंडमान निकोबार द्वीप समूह बाहर की दुनिया के लिए किसे अजूबे से कम नहीं। आम तौर पर सैलानियों के लिए यहां के खूबसूरत समुद्र तट और ऐतिहासिक सेलुलर जेल की तस्वीरें आकर्षण की मुख्य वजह है। जो पारंपिरक किस्म के सैलानी हैं वो सेलुलर जेल यानी कि

'नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट 'के महानिदेशक अद्वैत गणनायक से बातचीत देश का सबसे बड़ा कला संग्रहालय नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट (एनजीएमए) आखिर दिल्ली की इतनी अहम जगह पर बने होने के बावजूद खाली क्यों पड़ा रहता है? क्यों यहां दर्शकों की संख्या गिनी चुनी है और क्यों कलाकार या कलाप्रेमी यहां आने से परहेज़ करते हैं? इस सबसे पुरानी और बेहद खूबसूरत गैलरी को गुलज़ार बनाने और इसके प्र

इलाहाबाद। आम तौर पर आज के दौर में संस्कृत नाटकों का मंचन अपने देश में कम होता है, लेकिन इलाहाबाद के दर्शकों को उत्तर प्रश्नम नाम के संस्कृत नाटक ने रंगमंच के नए एहसास से भर दिया। समन्वय नामक सांस्कृतिक संस्था की सचिव सुषमा शर्मा के परिकल्पना और निर्देशन में उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र में हुए इस नाटक के लेखक ह

मशहूर लेखक, कवि, कहानीकार, उपन्यासकार और नाटककार जयशंकर प्रसाद की याद में भोपाल के भारत भवन में पांच दिनों का एक समारोह होने जा रहा है। इसमें प्रसाद के काव्य और गद्य के साथ उनके नाटकों पर भी विस्तृत चर्चा होगी। साथ ही प्रसाद के लेखन को आज के संदर्भ से जोड़कर उनकी सामयिकता को भी सामने लाया जाएगा।
14 से 18 जुलाई तक होने वाले इस समारो

लखनऊ। भरतनाट्यम शैली के अलावा कथक और अन्य नृत्य शैलियों को मिलाकर कुछ नए प्रयोग करने वाली नृत्यांगना लक्ष्मी श्रीवास्तव एक बार फिर अपनी मशहूर नृत्य नाटिक ‘उषा परिणय’ का मंचन करने जा रही हैं। इसका आयोजन भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद और उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की ओर से 13 जुलाई को होने जा रहा है। डॉ योगेश प्रवीण इसके रचना

देश भर के कुछ चुने हुए कलाकारों ने तीन दिनों की कार्यशाला में अपनी संस्कृति की बेहद दिलचस्प तस्वीर पेश की है। दिल्ली में के एंड के इंटरनेशनल होटल में आयोजित इस कार्यशाला को मौजूदा परिप्रेक्ष्य में गाय के आध्यात्मिक और पौराणिक महत्व के संदर्भ में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देश में इन दिनों जिस तरह गाय का राजनीतिकरण हुआ और इसे पौराणिक संदर्भों से काटकर ओछी राजनीति का हिस्सा ब

♦ संजय आस्त्रिक
क्या आपने पत्ताचित्र के बारे में सुना है। चित्रकारी और हस्तशिल्प की तमाम शैलियों और परंपराओं की एक अहम पहचान है यह कला। ओड़िसा की सबसे पुरानी और लोकप्रिय कला शैलियों में से एक पत्ताचित्र शैली की इस चित्रकारी में बेहद चटकीले रंगों का इस्तेमाल होता है और कई पौराणिक कथाएं और उसके पात्र इसमें आकार लेते हैं।

कोई सपने बुनता है। कोई सच बुनता है।
तो कोई अपने समय को बुनता है।
सदियों से इंसान बुन रहा है।
काल, समाज और इतिहास के सैकड़ों सूत्र इस बुनने से जुड़े हुए हैं।
अतीत का बुना हुए वर्तमान के लिए चादर हो जाता है।
कबीर भी बुनते थे -झीनी-झीनी बीनी चदरिया।
आपने कभी गौर से करघे पर किसी को बुनते हुए देखा है ?
ताना औ

केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय की पहल पर देश भर की प्रतिभाओं के डाटा बैंक बनाने के मकसद से अलग अलग क्षेत्रों में भव्य कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। इसी कड़ी में झारखंड के रायकेला में राजकीय छऊ कला केन्द्र में हाल ही में सांस्कृतिक प्रतिभा खोज कार्यक्रम हुआ। प्रद

संस्कृति मंत्रालय ने बनाई कल्चरल मैपिंग कमेटी नई दिल्ली संस्कृति मंत्रालय ने देश भर के कोने कोने में फैले कलाकारों की जानकारी इकट्ठा करने के साथ साथ लोक और आदिवासी कलाकारों का डाटाबैंक तैयार करने का काम तेज़ कर दिया है। इस काम के लिए मंत्रालय ने एक कमेटी बनाई है जो ब्लाक स्तर पर जाकर कलाकारों की जानकारी इकट्ठा करेगी। इसकी शुरूआत 17 और 18 जून को मथुरा के गोवर्धन से शुरू होगी।