नई दिल्ली। “कविता का स्वभाव औरत के स्वभाव से मिलता-जुलता है। कविता इशारों में बात करती है, यही एक स्त्री के जीवन का शिल्प है । “
हिंदी की प्रसिद्ध कवयित्
पुस्तक मेले का अनोखा और रचनात्मक सेल्फी पॉइंट: दीवार में एक खिड़की
नई दिल्ली में चल रहे 53 में विश्व पुस्तक मेले में आपको कई जगह एक ऐसी सेल्फी प्वाइंट मिलेगी जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की तस्वी
पुस्तक मेला – अंग्रेज़ों के ख़िलाफ 1857 से पहले हुए सशत्र विद्रोह की कहानी
क्या आप कुदपोली के अनाम स्वतंत्रता सेनानियों को जानते हैं जिन्होंने 1857 से 21 साल पहले सशत्र विद्रोह किया था? 53 वें विश्व पुस्तक मेले में इस विद्रोह के बारे में पुस्तक के लोकार्पण से शुरू हुआ उद्घाटन समारोह के दौरान इन अनाम स्वतंत्रता सेनानियों का ज़िक्र हुआ। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ‘द सागा ऑफ कुदोपली: द अनसंग स्टोरी ऑफ 1857’ के अनूदित संस्करणों का विमोचन किया।
स्त्री दर्पण नामक ऐतिहासिक पत्रिका की संपादक और जानी मानी समाजिक कार्यकर्ता रामेश्वरी नेहरू को लखनऊ में याद किया गया। इस मौके पर स्त्री लेखा पत्रिका के नए अंक का लोकार्पण प्रो. रूपरेखा वर्मा, वरिष्ठ कवि नरेश सक्सेना, प्रो रमेश दीक्षित, आलोचक वीरेन्द्र यादव और कवि कात्यायनी ने किया। स्त्री विमर्श केवल अस्मिता विमर्श नहीं है बल्कि वह दुनिया क
बेचारे चाणक्य को टिकट मिलना तो दूर वोटर आई कार्ड तक नहीं बन पा रहा...
मैं वही चाणक्य हूँ जिसे आप कौटिल्य भी कहते हो और मुझे विष्णु गुप्त के नाम से भी पुकारते हो। आज मैं बिहार विधानसभा चुनाव होने से पहले राजधानी पाटलिपुत्र से अपना दुख दर्
भरतीय आधुनिक शिल्प शताब्दी के दौरान मास्टर्स शिल्पकारों की ऐतिहासिक प्रदर्शनी
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विमल कुमार
हर सभ्यता केउद्भव और विकास साथ-साथ उसकी कला यात्रा भी साथ साथ चलती है। कोई भी सभ्यता बिना अपनी कला के जीवित नहीं रह सकती है। दोनों का एक अन्योन्याश्रय सम्बंध है।चाहे नृत्य हो संगीत हो, चित्रकला हो ,नाट्य कला हो और वाचिक परम्परा का साहित्य हो, सब का विकास एक साथ हुआ है, एक दूसरे के सम
नाटक ‘माई सन इज़ रेपिस्ट’ में सामाजिक संदेश – सुनीता योगेश
पिछले दिनों दिल्ली के श्रीराम सेंटर में My son is rapist नाम का नाटक खेला गया। इसकी निर्देशक और लेखक सुनीता योगेश अग्रवाल से वरिष्ठ पत्रकार अरविंद कुमार की बातचीत:
सुनीता अग्रवाल कहती हैं कि एक नाटककार होने की हैसियत से मेरी ये जिम्मेदारी बनती है कि मैं इन मुद्दो पर बात करुं या इनको अ
वो मुस्लिम शख्सियतें, जिन्होंने लता मंगेशकर को मुकम्मल बनाया
हिंदुस्तान की 'सुर कोकिला' लता मंगेशकर की आवाज़ को मुकम्मल बनाने और उन्हें शिखर तक पहुंचाने में मुस्लिम शख्सियतों का बहुत बड़ा योगदान है। ऐसी शख्सियतों में बड़े गुलाम अली खां, मास्टर गुलाम हैदर, महबूब खान, जां निसार अख़्तर, दिलीप कुमा