सच्चिदानंद सिन्हा की 155वीं जयंती पर भव्य समारोह दस नवंबर को..
अरविंद कुमार
नई दिल्ली। संविधान सभा के अंतरिम अध्यक्ष एवं बिहार निर्माता डॉक्टर सच्चिदानंद सिन्हा की 155वीं जयंती पर दिल्ली में पहली बार एक भव्य समारोह दस नवम्बर को आयोजित किया जा रहा है, जिसके मुख्य अतिथि बिहार के राज्यपाल अता हसनैन होंगे।
इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में डॉक्टर सिन्हा की 155वीं जयंती पर आयोजित होने वाले इस समारोह की विशिष्ट अतिथि लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार होंगी।
इस समारोह में प्रख्यात नृत्यांगना शोभना नारायण अपने भावपूर्ण नृत्य से डॉक्टर सिन्हा को श्रद्धांजलि पेश करेंगी।
समारोह में ‘ह्यूमन्स इन लूप्स’ फिल्म के चर्चित युवा निर्देशक अरण्य सिंह द्वारा डॉक्टर सिन्हा के जीवन पर निर्मित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई जाएगी। इस फिल्म की स्क्रिप्ट पूर्व आईपीएस ऑफिसर उदय सहाय ने लिखी है और यह फिल्म इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के प्रयासों से बनी है। इसके प्रोड्यूसर डॉक्टर सिन्हा के परिवार से जुड़े ग्रुप कैप्टन राकेश रंजन हैं।
आयोजन समिति के सचिव उदय सहाय ने बताया कि समारोह में डॉक्टर सिन्हा के जीवन एवं कृतित्व पर एक दुर्लभ प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें उनके जन्म स्थान से लेकर संविधान के मसौदे पर उनके हस्ताक्षर के फोटो भी शामिल हैं। इस प्रदर्शनी में दुर्लभ दस्तावेजों के जरिये उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं तथा पड़ावों को दिखाया जाएगा। इस प्रदर्शनी को आईआईसी की पुस्तकालयाध्यक्ष उषा मुंशी ने क्यूरेट किया है। प्रदर्शनी का उद्घाटन सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव चंचल कुमार और इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के निदेशक के.एन. श्रीवास्तव करेंगे।
उन्होंने बताया कि आधुनिक भारत के निर्माण में डॉक्टर सिन्हा के योगदान पर एक परिचर्चा भी होगी। इसमें पूर्व विदेश सचिव श्याम शरण, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव चंचल कुमार, दिल्ली विश्वविद्यालय में राजनीति विभाग की प्रमुख रेखा सक्सेना एवं प्रसिद्ध लेखिका अनामिका भी भाग लेंगी। शाम को बिहार के राज्यपाल समारोह को संबोधित करेंगे। धन्यवाद ज्ञापन राजेंद्र प्रसाद अकादमी के निदेशक अनिल मिश्र करेंगे।
यह समारोह बिहार सरकार, राजेंद्र प्रसाद अकादमी, सोव कम्युनिकेशन के सहयोग से हो रहा है।
उन्होंने बताया कि डाक्टर सिन्हा न केवल संविधान विद थे बल्कि उच्च कोटि के पत्रकार प्रखर लेखक कुशल वक्ता सामाजिक सुधारक पुस्तकालय आंदोलन के प्रणेता एवम गहरे संगीत प्रेमी भी थे।वे बिहार उड़ीसा के पहले वित्त मंत्री भी थे।उन्होंने सर की उपाधि लेने से मना कर दिया था।ऐसी महान विभूति को न केवल बिहार ने बल्कि पूरे देश ने भुला दिया।यह पहला अवसर है जब इतने बड़े पैमाने पर उनके निधन के 75 साल बाद याद किया जा रहा है।समारोह का उद्देश्य नयी पीढ़ी को उनके अवदान से परिचित कराना है।बिहार के आरा शहर में दस नवंबर 1871 को जन्मे डॉक्टर सिन्हा लंदन में महात्मा गांधी के सहपाठी तथा मोतीलाल नेहरू के मित्र थे। उनके प्रयासों से 1911 के दिल्ली दरबार में बिहार राज्य के गठन की घोषणा हुई थी। वे संविधान सभा के वरिष्ठतम सदस्य होने के नाते इसके अंतरिम अध्यक्ष बनाये गये थे। 6 मार्च 1950 को पटना में उनका निधन हो गया था।
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Posted Date:November 5, 2026
4:49 pm Tags: विमल कुमार, अरविंद कुमार, सच्चिदानंद सिन्हा