
रोहित वेमुला की आत्महत्या और उसके बाद उठे जनाक्रोश ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। दलित राजनीति के नाम पर वेमुला की खुदकुशी एक बड़ा मुद्दा बनी लेकिन इस घटना के पीछे के सच को तलाशने की कोशिश सही तरीके से कभी नहीं हुई। इस घटना के चार साल बाद फिल्मकार दीपा धनराज ने इस पूरी घटना पर और इसके तमाम पहलुओं पर फिल्म बनाई – वी हैव नॉट कम हियर टू डाई ।

हिन्दी साहित्य व संस्कृति की पत्रिका ‘रेवान्त’ की ओर से हर साल दिया जाने वाला प्रतिष्ठित ‘रेवान्त मुक्तिबोध साहित्य सम्मान - 2018’ के लिए उनका चयन किया गया था। यह सम्मान उन्हें कैफी आजमी एकेडमी, निशातगंज के सभागार में आयोजित भव्य समारोह में दिया गया जिसकी अध्यक्षता प्रसिद्ध कथाकार व उपन्यासकार शिवमूर्ति ने की। लखनऊ के साहित्य जगत के लिए यह सुखद, आत्मीय और अविस्मरणीय पल था जिसमें ब