नई दिल्ली; 30 मार्च 2026 – साहित्य अकादेमी के अध्यक्ष डॉ. माधव कौशिक ने रवींद्र भवन परिसर में आयोजित एक भव्य समारोह में 30 मार्च से 4 अप्रैल तक चलने वाले ‘साहित्योत्सव-2026’ का उद्घाटन किया। इस मौके पर भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव अमिता प्रसाद साराभाई, साहित्य अकादेमी की उपाध्यक्ष प्रो. कुमुद शर्मा, सचिव पल्लवी प्रशांत होळकर, संस्कृति मंत्रालय के निदेशक अनीश पी. राजन और कई सारे साहित्यकार मौजूद थे। उद्घाटन के दिन कुल 15 सत्र आयोजित किए गए, जिनमें 80 से अधिक लेखकों, कवियों और विद्वानों ने सहभागिता की। सुबह से शाम तक पाँच अलग-अलग सभागारों में आदिवासी लेखक सम्मेलन, महिला कवि सम्मेलन, बहुभाषी कहानी एवं कविता पाठ के साथ-साथ ‘प्रकाशन का बदलता परिदृश्य’, ‘बिब्लियोथेरेपी’, ‘भारतीय प्रवासी लेखन में मातृभूमि’, ‘लेखक विहीन साहित्य’, ‘भारत में लोक और आधुनिक रंगमंच’ और ‘साहित्य में प्रकृति का प्रतिबिंब’ जैसे विषयों पर पैनल चर्चाएँ हुईं।

दूसरे दिन यानी मंगलवार, 31 मार्च 2026 को भी बहुभाषी कहानी और कविता पाठ, आदिवासी कवि सम्मिलन और ‘भारत के महाकाव्य एवं काव्य’, ‘मातृभाषा का महत्त्व’, ‘भारत का दार्शनिक साहित्य’, ‘राजनयिक संवाद’ तथा ‘साझी संवेदनशीलता और मानवता का भविष्य’ जैसे विषयों पर परिचर्चाएँ आयोजित की गईं। इसके साथ ही 31 मार्च की शाम दिल्ली के कमानी सभागार में ‘साहित्य अकादेमी पुरस्कार 2025’ अर्पण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि प्रख्यात हिंदी लेखक, कवि और साहित्य अकादेमी के महत्तर सदस्य डॉ. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी होंगे। इस बार हिन्दी में ये सम्मान जानी मानी लेखिका ममता कालिया को उनकी कृति जीते जी इलाहाबाद को दिया जा रहा है।
(साहित्य अकादेमी की प्रेस विज्ञप्ति)
Posted Date:March 30, 2026
5:01 pm Tags: साहित्य अकादमी, साहित्योत्सव 2026