मुम्बई में 5 लाख रुपए में एनएसडी छात्रों को रंगमंच का प्रशिक्षण देगा
बच्चों को रंगमंच में प्रशिक्षित करने के लिए दिल्ली में रंग बाग शुरू
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के निदेशक चितरंजन त्रिपाठी ने कहा है कि अभी भारतीय रंगमंच को ए आई (कृतिम बुद्धिमत्ता ) से कोई खतरा नहीं है क्योंकि उसमें अभी वह सृजनात्मकता नहीं है। उन्होंने कहा कि मुंबई में 5 लाख रुपए में एनएसडी छात्रों को प्रशिक्षित करेगी और डिप्लोमा देगी। त्रिपाठी ने एनएसडी के ग्रीष्मकालीन थिएटर समारोह की जानकारी देते हुए पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में यह बात कही। 8 मई से यह समारोह दिल्ली में हो रहा है जिसमें दस नाटकों के 26 शो होंगे। इसके टिकट Bookmyshow पर उपलब्ध होंगे।टिकटों का मूल्य सौ से एक हज़ार तक है।
महोत्सव में मोहन राकेश की जन्मशती पर आधे अधूरे का फिर से मंचन होगा जिसका निर्देशन दिवंगत रंगकर्मी त्रिपुरारी शर्मा ने किया है।
समारोह में अंधा युग , तमस, बाबू जी, बन्द गली का आखिरी मकान, ताजमहल का टेंडर, अक्स, तमाशा आदि खेले जाएंगे।आधे अधूरे में इसके पहले शो के कलाकार अभिनय करेंगे।
चितरंजन त्रिपाठी से जब पूछा गया कि क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभाव रंगमंच पर पड़ेगा , उन्होंने कहा कि असली AI हम आर्टिस्टिक इंटेलिजेंस वाले हैं ,आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस वाले नहीं क्योंकि AI में वह सृजनात्मकता नहीं जो कलाकारों में होती है। AI न तो नाटक लिख सकता है और न रंगमंच कर सकता है । वह वही कर सकता है जो उसे कमांड दिया जाए। वैसे AI का भी अभी विकास हो रहा है पर मुझे इससे कोई खतरा रंगमंच पर नजर नहीं आता। अभी भी लोग मंच पर मनुष्यों को अभिनय करता देखना चाहते हैं। रोबोट रंगमंच नहीं कर सकता।
उन्होंने यह जानकारी भी दी कि डीडीए ने एनएसडी के साथ एक करार किया है जिसके तहत उसके पार्कों में बच्चों को नाटक सिखाया जाएगा।इस योजना का नाम “रंग बाग” रखा गया है। अभी बाँसहेड़ा पार्क में यह योजना लागू हुई है और बच्चे सुबह सुबह रंगमंच सीख रहे हैं। जैसे जैसे डीडीए हमें मुहल्लों में पार्क चिन्हित करेगी हम वहां बच्चों को नाटक सिखाएंगे।
उन्होंने बताया कि हम लोग वरिष्ठ नागरिकों को भी नाटक सिखाने का काम कर रहे हैं उसके लिए तीन माह का कोर्स कर रहे हैं। इछुक लोग हमारी वेबसाइट पर अप्लाई कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली मेट्रो के साथ हमने एक करार किया है जिसके तहत मेट्रो स्टेशन पर एनएसडी रंगमंच का प्रचार करेगा। मेट्रो हमें यह सुविधा निःशुल्क देगा।
उन्होंने बताया कि अभी दिल्ली से बाहर 4 जगह हमारे केंद्र काम कर रहे हैं पर कई राज्यों से अपने यहाँ एनएसडी परिसर खोलने की मांग हो रही है, हम सरकार से बात कर रहे हैं। देखें बातचीत के नतीजे क्या निकलते हैं। योजनाएं विचाराधीन हैं।
उन्होंने कहा कि सामाजिक दायित्व और राष्ट्रनिर्माण के तहत हम सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों और उनके बच्चों को भी रंगमंच में प्रशिक्षित कर रहे हैं। त्रिपाठी ने मीडिया से अपील की कि वे स्टार कलाकारों की जगह तपस्वी और गुमनाम कलाकारों को जगह देकर उन्हें प्रोत्साहित करें। उन्होंने बताया कि एनएसडी ने रंगमंच के प्रसार के लिए एक व्हाटसअप चैनल भी बनाया है।
अरविन्द कुमार की रिपोर्ट
Posted Date:May 7, 2026
3:58 pm Tags: NSD, Arvind Kumar, National School of Drama, Summer Theatre Festival