
17 जुलाई को जब गंगा की लहरों पर सूर्य की अंतिम किरणें झिलमिला रही थीं, वाराणसी की वह शाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई। नागरी प्रचारिणी सभा के आर्यभाषा पुस्तकालय परिसर में वरिष्ठ पत्रकार विजय विनीत की बहुचर्चित पुस्तक ‘जर्नलिज्म AI’ के लोकार्पण के दौरान आज के दौर की पत्रकारिता और तकनीकी क्रांति के नए आयामों के तमाम अनछुए, अनकहे पन्ने खुल गए। अपने ज़माने के मशहूर पत्रकार, संपादक, चि

सरोद के सुरों से श्रोताओं को झुमा देने वाले सरोद वादक पंडित विकास महाराज बनारस के कबीरचौरा की गलियों में पले-बढ़े और संगीत का ककहरा सीखा। अब वो सात समंदर पार सरोद की झनकार बिखेर रहे हैं। महाराज जर्मनी, आस्ट्रेलिया, फ्रांस, हालैंड और यूनाइटेड स्टेट के तमाम विश्वविद्यालयों में विजिटिंग प्रोफेसर के तौर पर भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।

विजय विनीत एक बेहतरीन और समर्पित पत्रकार हैं। जनसरोकार की पत्रकारिता करने वाले विजय विनीत इन दिनों वाराणसी में जनसंदेश टाइम्स के राजनीतिक संपादक हैं। वाराणसी और आसपास के इलाकों से वहां की संस्कृति, समाज, सियासत और आम आदमी से जुड़ी बेहतरीन खबरें भेजते हैं, सरकार और प्रशासन से डरकर काम नहीं करते। कई बार धमकियां भी मिलीं, मुकदमें भी हुए, लेकिन विजय विनीत पूरी ईमानदारी से काम करते रह