भारतीय सांस्कृतिक विरासत को चमकाने पर जोर

विश्व हिंदी सम्मेलन के दूसरे दिन छायी रही भारतीयता की बात

(अमर उजाला के सलाहकार संपादक उदय कुमार मॉरीशस से लगातार विश्व हिन्दी सम्मेलन पर बेहतरीन रिपोर्ताज अपने अखबार और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भेज रहे हैं। सम्मेलन के आखिरी दिन  यानी सोमवार 20 अगस्त को क्या कुछ हुआ ,  हिन्दी को विश्व की भाषा बनाने के साथ ही बदलते तकनीकी दौर और डिजिटल युग के साथ जोड़ने  और विकसित करने को लेकर सम्मेलन में क्या विचार आए , उदय जी की इस रिपोर्ट से इसकी विस्तृत जानकारी मिलती है। ये रिपोर्ट हम ‘7 रंग’ के पाठकों के लिए अमर उजाला से साभार ले रहे हैं।)

11वें विश्व हिंदी सम्मेलन के दूसरे दिन चर्चा के केंद्र में भारतीय सांस्कृतिक विरासत ही रही। चर्चा में भाग ले रहे विद्वानों में हिंदी के प्रचार-प्रसार के साथ भारत की सांस्कृतिक विविधता और विशेषता को भी बड़े फलक पर चमकाने की ललक दिखाई दी। इस बात पर लगभग सभी एकमत दिखे कि हिंदी को विश्व भाषा बनाने के साथ भारतीय संस्कृति को भी उसी स्तर पर प्रसारित करने की जरूरत है। माध्यम चाहे जो रहे, लेकिन भारतीय संस्कृति से दुनिया को जोड़ने का प्रयास तेज किया जाना चाहिए।

यहां विवेकानंद इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर के विभिन्न हॉल में रविवार को चर्चा के चार सत्र आयोजित किए गए। सभी में चर्चा का विषय भारतीय संस्कृति के इर्द-गिर्द ही रहा। सबसे गहन चर्चा ‘फिल्मों के माध्यम से भारतीय संस्कृति का संरक्षण’ पर हुई। दूसरी चर्चा में देश के कई नामचीन वरिष्ठ पत्रकारों ने हिस्सा लिया।

इसका विषय था ‘संचार माध्यम और भारतीय संस्कृति।’ भारत से बाहर के देशों से आए वरिष्ठ साहित्यकारों ने भारतीय भाषा और संस्कृति पर बेहद भावपूर्ण चर्चा की। उन्होंने हिंदी के प्रसार का एक तरह से रोडमैप ही सामने रख दिया।

एक और सत्र ‘हिंदी बाल साहित्य और भारतीय संस्कृति’ पर रखा गया था। इसमें देश में बाल साहित्य लिखने वालों ने नई तकनीक के जरिये बच्चों में संस्कारों का बीजारोपण करने पर जोर दिया। सत्र के अलावा अनौपचारिक बातचीत में भी विभिन्न देशों से आए हिंदी प्रेमियों में नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाने के लिए भारतीय संस्कृति से जोड़ने की ललक साफ दिखाई दी।

Posted Date:

August 20, 2018

8:22 pm

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright 2017- All rights reserved. Managed by iPistis