
एक ऐसी फिल्म जिसने लगातार पचास सालों तक अपनी अहमियत बनाए रखी और अबतक की सबसे सुपर डुपर हिट फिल्म साबित हुई। शोले के पचास साल पर बहुत कुछ लिखा जा रहा है। हरेक के अपने अनुभव हैं, हर किरदार के अपने मायने हैं। अपना अपना नज़रिया भी है। तो 7 रंग के पाठकों के लिए इस फिल्म के बारे में जाने माने लेखक और फिल्म पत्रकार प्रताप सिंह की किताब सिनेमा का जादुई सफ़र के कुछ हिस्से भी ज़रूर पठनीय होंगे।