15 कलाकारों को ललित कला अकादमी पुरस्कार

ललित कला अकादेमी की ओर से हर साल आयोजित की जाने वाली राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी कला समुदाय के कैलेन्डर में सर्वाधिक प्रतिष्ठित आयोजन है। इस वर्ष आयोजित 60वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी उत्कृष्ट कलात्मक कृतियों के प्रदर्शन के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाशाली कलाकारों को अनुशंसा और मान्यता प्रदान करने का भी एक मंच है। इसमें प्रदर्शित सभी कृतियाँ  सौंदर्यांत्मक अपील और माध्यमों के प्रयोग में अग्रणी व उत्कृष्ट श्रेणी की हैं । प्रदर्शनी में पेन्टिंग, मूर्तिशिल्पों, ग्राफिक, छायाचित्रों, ड्राईंग, संस्थापन और मिश्रित माध्यमों की कलाकृतियों की व्यापक विभिन्नता है। कलाकृतियों का चयन सृजन की गुणवता, प्रतिमानों की ताजगी, माध्यमों के नवप्रयोगों एवं रंगों के अनूठे उपयोग के आधार पर किया गया है।

द्वी-स्तरीय निर्णायक मंडलों द्वारा कुल 15 पुरस्कार विजेताओं का चयन किया गया है। 60वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के विजेता हैं: चन्दन कुमार समल (ओडिशा), गौरी वेमुला (तेलंगाना), हेमन्त राव (मध्य प्रदेश), हिरेन कुमार छोटू भाई पटेल (गुजरात), जया जेना (ओडिशा), जयेश के.के. (केरल), जितेन्द्र सुरेश सुतार (महाराष्ट्र), डगलस मार्यन जॉन (महाराष्ट्र), प्रताप चन्द्र चक्रवर्ती (पश्चिम बंगाल), रश्मि सिंह (उत्तर प्रदेश), सचिन काशीनाथ चौधरी (महाराष्ट्र), सुनील कुमार विश्वकर्मा (उत्तर प्रदेश), तबस्सुम खान (बिहार), वासुदेव तारानाथ कामत (महाराष्ट्र) और वीनीता सदगुरु चेंदवनकर  (गोवा)

गौरी वेमुला की एक पेंटिंग

राष्ट्रीय अकादेमी पुरस्कार विजेताओं में प्रत्येक को एक लाख रुपये की राशि, एक शॉल और एक फलक प्रदान किया जाएगा।

प्रदर्शनी के निर्णायक मंडल में जाने-माने कला पारखी, आलोचक और कलाकार शामिल थे। ललित कला अकादेमी द्वारा गठित प्रथम स्तरीय पांच सदस्यीय निर्णायक मंडल में भगवान चव्हान, जयप्रकाश जगताप, जयन्त गजेरा, किशोर ठाकुर, मदन लाल, मनीषा राजू और ओ.पी. खरे शामिल थे। पुरस्कारों के चयन हेतु गठित द्वितीय निर्णायक मंडल में संजय भट्टाचार्य, दिनकर थोप्टे चित्रकल्पल, सुहास बाहुलकार, नवीन भगत, पांडुरंग एन. देवघरे और प्रयाग झा चिल्लर शामिल थे।

जितेन्द्र सुतार की एक कलाकृति

इस वर्ष के पुरस्कृतों की कलाकृतियों के साथ-साथ, प्रसिद्ध वरिष्ठ कलाकारों की  कलाकृतियाँ भी प्रदर्शित की जाएँगी। इस के तहत राम वी. सुतार, जी. एस. गायतोन्डे, अकबर पदमसी, तैयब मेहता, के.एच. आरा, जहांगीर सबावाला, लक्ष्मण पाई, बी.प्रभा, कृष्ण रेड्डी, प्रफुल्ल दहानुकर, गोपाल आदिवरकर और बी. विट्ठल जैसे कला महारथियों की कृतियाँ प्रदर्शित की जा रही हैं।

प्रताप चंद्र चक्रवर्ती की कला का एक नमूना

इस वर्ष प्रदर्शनी में एक ‘आमंत्रित अनुभाग’ भी है, जिसमें बृजमोहन शर्मा, गणपत शंकर मज़गांवकर, जयेश शुक्ला, नीरज गुप्ता, सुधाकर विट्ठल चव्हाण, विरेन तंवर के कार्य प्रदर्शित किए जाएंगे। ये अनुभाग देश के युवा और उभरते कलाकारों के लिए प्रेरणास्वरूप होंगी।

ललित कला अकादेमी के अध्यक्ष डॉ उत्तम पाचारणे के शब्दों में, ‘‘60वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी विविध कला रूपों के संगम का एक महत्वपूर्ण उत्प्रेरक है। दर्शकों की बड़ी संख्या तक पहुंचने का प्रयास समय की आवश्यकता के संदर्भ में प्रासंगिक है। हम आशा करते हैं कि यह प्रदर्शनी कलाकारों को सौष्ठव और उत्कृष्टता की नई ऊंचाईयां प्रदान करेगी। अकादेमी का उद्देश्य पूरे देश के कलाकारों को एक बड़ा मंच प्रदान करना है। मैं सभी विजेताओं को शुभकामनाएँ देता हूँ।

तब्बसुम खान का एक चित्र

60 वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के साथ-साथ ललित कला अकादेमी लगातार दूसरे वर्ष कला मेला का आयोजन कर रही है, जिसमें 120 स्टॉल हैं और पूरे देश के कलाकारों का इसमें प्रतिनिधित्व रहेगा। पेन्टिंग, मूर्तिशिल्प, मिश्रित माध्यम सहित कई माध्यमों का व्यापक प्रदर्शन होगा।

कार्यक्रम का उद्घाटन गोवा की राज्यपाल महामहिम श्रीमती मृदुला सिन्हा द्वारा दिनांक 25 मार्च, 2019 को पद्म भूषण से सम्मानित कलाकार राम वी. सुतार, पद्म श्री से सम्मानित बाबा योगेन्द्र जी, संस्थापक संस्कार भारती, डॉ० उत्तम पाचारणे, अध्यक्ष ललित कला अकादेमी व अन्य गणमान्य व्यक्तित्वों की उपस्थिति में किया जायेगा.

उद्घाटन अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुति का आयोजन भी किया जाएगा। नृत्य नाटिका से लेकर कथक, भरतनाट्यम और सरोद और सितार वादन तक – देश की सांस्कृतिक विविधता की झलक लिए यह आयोजन कलाओं के मध्य समन्वय व एकता का प्रतीक है।

कलाकृतियाँ सर जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट और राष्ट्रीय आधुनिक कला दीर्घा, मुंबई में 25 मार्च, 2019 से 8 अप्रैल, 2019 तक प्रदर्शित की जाएँगी।

ललित कला अकादेमी द्वारा 2 से 5 अप्रैल, 2019 तक एक व्याख्यान श्रृंखला का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें जयेश शुक्ला, नीरज गुप्ता, विरेन तंवर और सुधाकर विट्ठल चव्हाण जैसे कलाकार कला विषयक व्याख्यान देंगे। साथ ही देश के ट्राइबल आर्टिस्ट्स और आर्ट फॉर्म्स का प्रचार प्रसार करने और उन्हें एक अन्तर्राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अकादेमी द्वारा 60वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी, कला मेला और व्याख्यान श्रृंखला के सामानांतर ही एक ‘ट्राइबल आर्ट एग्ज़ीबीशन’ का भी आयोजन सर जे.जे. स्कूल ऑफ़ आर्ट में किया जा रहा है.

60वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के पुरस्कृत कलाकारों की सूची इस प्रकार है:

  विजेता कलाकार पुरस्कृत कृति
  डग्लस मार्यन जॉन इनर डिविनिटी – 1
  गौरी वेमुला व्हिसल ब्लोअर
  हेमंत राव अनटाइटल्ड – 2
  जया जेना डीकंस्ट्रक्शन
  हीरेन कुमार छोटू भाई पटेल हाईब्रिडाईज़ेशन
  प्रताप चन्द्र चक्रबोर्ती सिविल रेस्टोरेशन
  रश्मि सिंह जर्नी ऑफ़ अ वुमन: फ्रॉम विन्नोविंग ग्रेन टू अर्निंग कॉइन
  सुनील कुमार विश्वकर्मा रामनगर में रामलीला
  तबस्सुम खान सिटी
  जयेश के. के. अनआइडेंटीफाईड इन्वेजांस
  वासुदेओ तारानाथ कामत इनोसेंट ब्रिक
  विनीता सद्गुरु चेनवानकर जोयस ऑफ़ मदरहुड इन नेचर
  चन्दन कुमार समल ह्यूमन थिंकिंग – 15
  जीतेन्द्र सुरेश सुतार टुगेदरनेस
  सचिन काशीनाथ चौधरी अनटाइटल्ड  

(ललित कला अकादमी की प्रेस विज्ञप्ति)

Posted Date:

March 24, 2019

9:45 pm Tags: , , , ,

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright 2020 @ Vaidehi Media- All rights reserved. Managed by iPistis