

बरेली के आंवला में इफ्को परिसर में मनी हरियाली तीज। वर्षा ऋतु का आगमन.. आसमान में काले मेघ.. हाथों में मेहंदी और शिव पार्वती के लोक गीतों से इफको परिवार की महिलाओं ने इस मौके पर समां बांध दिया। महिला क्लब द्वारा आयोजित हरियाली तीज की थीम शिव आराधना रही। इसके लिए इफको अतिथिगृह के हाल में और झूले के साथ श्रीकृष्ण प्रतिमा का भव्य सेट तैयार किया गया।
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किसानों के लिए सबसे प्यारी देश की मिट्टी, खेत की मिट्टी... इफ्को ने बनाया खेत की मिट्टी को सोना...
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भारत बसता तो गांवों में है, पर साहित्य, कला और उसकी संस्कृति शहरों में ही क्यों दिखती है। भले ही वह गांवों में प्रफुल्लित होती है। गांवों में भी संस्कृति, साहित्य व कला की खेती होती है। उसकी फसलें भी लहलहाती हैं, लेकिन पक कर यहीं पीढी दर पीढ़ी उगती व मरती रहती है। गांवों के लिए यह सब स्वाभाविक है। बस दिखती नहीं है या लोग देखते नहीं है। लोक कलाओं, परंपराओं, खानपान, वेशभूषा और न जाने क्या
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