कला के कई रूप हैं। रंगों की अपनी भाषा है। रेखाएं बोलती हैं। कलाकृतियां कुछ कहती हैं। चित्रों के पीछे पूरा एक दर्शन छुपा होता है और रंगों के संयोजन के पीछे कहीं न कहीं कोई कल्पना होती है। देशभर में कलाकार तो भरे पड़े हैं, दिल्ली, मुंबई समेत तमाम बड़े शहरों में बनी आर्ट गैलरी किसी न किसी कलाकार के काम का एक बेहतरीन आईना भी हैं। लेकिन तमाम कलाकारों का दर्द है कि इस देश में कला की कद्र नहीं। तमाम अकादमियां हैं, आर्ट और स्कल्पचर के तमाम कॉलेज हैं, बड़ी संख्या में यहां ये हुनर सीखने वाले भी हैं लेकिन ऐसा क्या है जो कलाकारों के भीतर उपेक्षा का भाव भरता है। हमारा मकसद इन सवालों पर बहस के साथ साथ देश भर के उन कलाकारों को मंच देना है और उनके काम को एक बड़ा आयाम देना है जो महज गैलरी में सिमट कर रह जाते हैं और चंद पेंटिग्स के बिक जाने का इंतज़ार भर करते हैं। कला के क्षेत्र में नया क्या हो रहा है, नई पीढ़ी के कलाकार क्या कर रहे हैं और जाने माने कलाकारों के काम को दुनिया किस तरह देख रही है – ये सब हम बताने की कोशिश करेंगे।

मुख्य धारा की पत्रकारिता से किस तरह कला और संस्कृति हाशिये पर चली गई है और इसे कैसे मीडिया में सम्मानजनक जगह दिलाई जाए, इसे लेकर ललित कला अकादमी खासा चिंतित है। अकादमी ने इस बारे में चिंतन और कारगर पहल करने के मकसद से दिल्ली में भारतीय भाषाओं के करीब 50 कला लेखकों का एक सम्मेलन किया।
Read More
एनजीएमए को नौकरशाही की गिरफ्त से मुक्त करने के लिए सरकार ने पहली बार एक कलाकार को यहां का महानिदेशक बनाया है। उड़ीसा के इस चर्चित कलाकार और मूर्तिकार अद्वैत गणनायक के मूर्तिशिल्प की झलक आपको कई जगह देखने को मिल जाएगी। राजघाट पर गांधी के डांडी मार्च पर उनका शिल्प सबको खींचता है, ललित कला अकादमी में ‘माई टेम्पल’ और नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट में ‘फाइव एलिमेंट्स’ जैसी उनकी कृतियां ल
Read More
देश भर के कुछ चुने हुए कलाकारों ने तीन दिनों की कार्यशाला में अपनी संस्कृति की बेहद दिलचस्प तस्वीर पेश की है। दिल्ली में के एंड के इंटरनेशनल होटल में आयोजित इस कार्यशाला को मौजूदा परिप्रेक्ष्य में गाय के आध्यात्मिक और पौराणिक महत्व के संदर्भ में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देश में इन दिनों जिस तरह गाय का राजनीतिकरण हुआ और इसे पौराणिक संदर्भों से काटकर ओछी राजनीति का हिस्सा ब
Read More
क्या आपने पत्ताचित्र के बारे में सुना है। चित्रकारी और हस्तशिल्प की तमाम शैलियों और परंपराओं की एक अहम पहचान है यह कला। ओड़िसा की सबसे पुरानी और लोकप्रिय कला शैलियों में से एक पत्ताचित्र शैली की इस चित्रकारी में बेहद चटकीले रंगों का इस्तेमाल होता है और कई पौराणिक कथाएं और उसके पात्र इसमें आकार लेते हैं।
Read More

संस्कृति मंत्रालय ने देश भर के कोने कोने में फैले कलाकारों की जानकारी इकट्ठा करने के साथ साथ लोक और आदिवासी कलाकारों का डाटाबैंक तैयार करने का काम तेज़ कर दिया है। इस काम के लिए मंत्रालय ने एक कमेटी बनाई है जो ब्लाक स्तर पर जाकर कलाकारों की जानकारी इकट्ठा करेगी। इसकी शुरूआत 17 और 18 जून को मथुरा के गोवर्धन से शुरू होगी। इसके तहत आसपास के करीब 100 गांवों के कलाकारों की सूची तैयार की जाएगी
Read More
एक कलाकार की दृष्टि और उसकी कल्पनाशक्ति का अंदाज़ा आप उसकी कलाकृतियों से लगा सकते हैं। उसके रंगों की एक भाषा होती है और जब उसकी कला मानवीय संवेदनाओं से जुड़ती है तो एक अलग ही दुनिया बनती है। अपनी कल्पनाओं को कैनवस पर उतार कर जिस तरह रंजीता कांत ने इस भीड़ में भी अपनी पहचान बनाने की कोशिश की है, वह कम महिलाएं कर पाती हैं। रंजीता कांत की कला यात्रा के कई पड़ाव हैं – दिल्ली से लेकर केरल त
Read More
बोधगया बिनाले के अंतर्राष्ट्रीय कला उत्सव के समापन के अवसर बिनाले के आर्टिस्टिक डायरेक्टर और क्यूरेटर विनय कुमार ने अगले बोधगया बिनाले की भी घोषणा की। विनय कुमार ने कहा कि बोधगया में हर दो साल पर बोधगया बिनाले का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने अगले बिनाले की तारीखों की भी घोषणा की।
Read More
बोधगया बिनाले में गुरुवार का दिन एक बार फिर से प्रदर्श कलाओं के नाम रहा। गुरुवार को एक के बाद एक तीन कलाकारों ने अपनी कलात्मकता से परिसर में मौजूद कलाप्रेमियों को जबर्दस्त तरीके से आकर्षित किया क्योंकि उसका विषय सीधे-सीधे आम जनता से जुड़ा था।इस कड़ी में पहला प्रदर्शन देश के जाने-माने कलाकार कौशल सोनकरिया का था।
Read More
बौद्ध धर्म के शीर्ष धर्मगुरु 17वें करमापा उज्ञेन त्रिनले दोरजी बुधवार को बोधगया बिनाले में पहुंचे और उन्होंने वहां प्रदर्शित कलाकृतियों को जमकर सराहा। करमापा ने बिनाले के आर्टिस्टिक डायरेक्टर विनय कुमार से बातचीत में कहा कि पूरी दुनिया में शांति स्थापित करने में कला का काफी महत्व हो सकता है और इस तरह की प्रदर्शनियों वैश्विक शांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
Read More