नई दिल्ली में चल रहे 53 में विश्व पुस्तक मेले में आपको कई जगह एक ऐसी सेल्फी प्वाइंट मिलेगी जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की तस्वीरें मिलेंगी। कई बार आपको यह सेल्फी पॉइंट कुछ भोंडे प्रचार वाली लगेगी क्योंकि पहले कांग्रेस के समय नेताओं के सेल्फी पॉइंट नहीं होते थे पर अब हालात बदल गए हैं। लेकिन इस मेले में एक बहुत सुंदर और रचनात्मक सेल्फी प्वाइंट भी आपको मिलेगा और वह सेल्फी प्वाइंट आपको हॉल नंबर दो में हिंदी युग्म के स्टॉल पर मिलेगा।
यह सेल्फी प्वाइंट प्रख्यात लेखक विनोद कुमार शुक्ला के मशहूर उपन्यास “दीवार में एक खिड़की रहती थी” के रूप में बनाया गया है.
हिंदी युग्म के शैलेश ने अपने स्टॉल की दीवार पर एक खिड़की लगा दी है जिसके पीछे कोई खड़ा होकर अपनी सेल्फी ले सकता है या सामने से कोई व्यक्ति उसकी तस्वीर ले सकता है। उस खिड़की के ऊपर लिखा हुआ है” दीवार में खिड़की “
शैलेश ने भले ही ने भले ही प्रचार की दृष्टि से यह सेल्फी प्वाइंट बनाया हो लेकिन उसमें एक नई तरह की खूबसूरती और रचनात्मक छटा दिखाई पड़ती है। उन्होंने अपने स्टाल के बाहर विनोद जी के नाम से एक सफेद दीवार भी बनाई है जिस पर कोई व्यक्ति उनकी स्मृति में कुछ लिख सकता है ।
अगर मेले में टैगोर प्रेमचन्द कबीर ग़ालिब मीरा रैदास के नाम पर एक सेल्फी पॉइंट बनाते तो एक सुंदर सन्देश जाता। हिंदी के प्रकाशकों को प्रेमचन्द निराला महादेवी अज्ञेय मुक्तिबोध दिनकर बच्चन के नाम पर सेल्फी पॉइंट बनाना चाहिए। हिंदी युग ने विनोद कुमार शुक्ला का प्रचार प्रसार इस तरह किया है कि उनकी किताबें काफी बिकी हैं और उन्होंने पिछले साल 30 लख रुपए की रॉयल्टी देकर हिंदी में तहलका मचा दिया।
अरविंद कुमार की रिपोर्ट
Posted Date:January 11, 2026
7:50 pm