228 भाषाओं और बोलियों में 277 नाटकों का प्रदर्शन
नयी दिल्ली। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय 27 जनवरी से दुनिया का सबसे बड़ा नाट्य महोत्सव शुरू कर रहा जो देश के 40 शहरों में होगा जिसमें 136 भारतीय और 12 विदेशी नाटकों के 277 शो होंगे। ये नाटक 228 भाषाओं और बोलियों में होंगे। इसमें रूस स्पेन पोलैंड ब्राजील श्रीलंका नेपाल चेक गणराज्य मॉरीशस आदि देश की रंगमण्डलियाँ नाटक पेश करेंगी।
20 फरवरी तक चलने वाले इस महोत्सव में बिरसा मुंडा, अहिल्या बाई और श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे राष्ट्रीय नायकों पर नाटक खेले जाएंगे तथा इब्राहम अलकाजी, रतन थियम , बंसी कौल ,आलोक चटर्जी पर संवाद होगा। इसके अलावा श्रुति कार्यक्रम में 17 किताबों का लोकार्पण भी होगा।
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के निदेशक चितरंजन त्रिपाठी ने पत्रकारों को बताया कि यह 25 वाँ भारंगम है और यह पिछले साल के भारंगम से बड़ा होगा तथा यह दुनिया का सबसे बड़ा नाट्य महोत्सव होगा । यह पहले होने वाले भारंगम से पांच छह गुना बड़ा होगा। देश में 40 जगहों पर प्रदर्शन होंगे। महोत्सव में लद्दाख, अंडमान और लक्षयदीप में भी पहली बार नाटक होंगे। विश्व के हर महाद्वीप के एक देश के नाटक होंगे। इतने बड़े पैमाने पर दुनिया का कोई देश नाट्य समारोह नही करता।
उन्होंने बताया कि करीब 90 लोगों की जूरी ने इनका चयन किया है। हमारे पास देश भर से 817 नाटक और 34 विदेशी नाटक आये थे जिनमें से ये नाटक चुने गए। उन्होंने कहा कि इस बार जश्न ए बचपन, बाल संगम को भी फिर से शुरू किया गया है तथा आदिरँग महोत्सव, पूर्वोत्तर रंगमंच, कठपुतली रंगमंच, नृत्य नाटिका, माइक्रो ड्रामा, संस्कृत रंगमंच आदि को भी शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि भारंगम देश की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाने वाला समावेशी नाट्य समारोह है जिसमें आदिवासी लोक वंचित समाज के लोग और ट्रांसजेंडरों और तवायफ़ों को भी रंगमंच से जोड़ा गया है। इस बार 33 महिला निर्देशकों के नाटक पेश किए जाएंगे। इस बार भारंगम में दिल्ली की समस्त अकादमियों संगीत नाटक अकादमियों और राज्य की अकादमियों को भी जोड़ा गया है।
— 7 रंग के लिए अरविंद कुमार की रिपोर्ट।
Posted Date:January 22, 2026
8:24 pm