हबीब साहब का सपना अभी बाकी है…

जाने माने रंगकर्मी और अपने दौर के जबरदस्त नाटककार  हबीब तनवीर पर बहुत कुछ लिखा जाता रहा है… उनके नाटकों पर, उनके व्यक्तित्व पर और कभी समझौता न करने वाले उनके मिजाज़ पर। उनके जन्मदिन और पुण्यतिथि पर उन्हें रंगकर्मी अपने अपने तरीके से याद करते हैं… इप्टा के महासचिव, नाटककार और संस्कृतिकर्मी राकेश ने हबीब साहब के साथ अपने वर्धा के अनुभव साझा किए हैं… इससे हबीब साहब को समझने में मदद भी मिलेगी और उनके सरल, स्नेहिल व्यक्तित्व और समर्पण की झलक भी मिलेगी। राकेश जी का यह आलेख 7 रंग के पाठकों के लिए।

Posted Date:

September 1, 2020

6:15 pm
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