सौ साल के हो गए त्रिलोचन जी

त्रिलोचन जी को याद करना एक पूरे युग को याद करने जैसा है। उनका विशाल रचना संसार और बेहद सरल व्यक्तित्व अब आपको कहीं नहीं मिलेगा। उनकी कविताओं को, उनकी रचना यात्रा को और उनके साथ बिताए गए कुछ बेहतरीन पलों को साझा करना शायद बहुत से लोग चाहें, लेकिन बदलते दौर में, नए सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य में और साहित्यिक जमात की खेमेबाजी में त्रिलोचन आज भी हाशिए पर हैं। उनकी जन्म शताब्दि की औपचारिकताएं तो थोड़ी बहुत जरूर हुईं लेकिन ठीक जन्मदिन वाले दिन उन्हें भुला दिया गया। त्रिलोचन जी के बेटे और वरिष्ठ पत्रकार अमित प्रकाश सिंह ने  त्रिलोचन जी को उनके सौ साल पूरे होने पर किस तरह याद किया, ‘7 रंग ‘के पाठको के लिए ये पढ़ना एक अनुभव की तरह होगा।

Posted Date:

August 20, 2018

9:42 pm
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