साहित्य, समाज और संघर्ष के संवेदनशील ‘यात्री’

जब भी आप जाने माने कथाकार, व्यंग्यकार और बेहद संवेदनशील लेखक से रा यात्री से मिलेंगे, आपको इस 88 बरस के नौजवान के भीतर अपार रचनात्मक ऊर्जा मिलेगी… सेहत बेशक साथ नहीं देती, ज्यादातर वक्त बिस्तर पर गुज़रता है और कुछ बीमारियों ने उन्हें बरसों से जकड़ रखा है, लेकिन जब यात्री जी अपनी रौ में बातें करते हैं तो दुनिया जहान की तमाम खबरों, साहित्य जगत की हलचलों के अलावा अपने दौर की ढेर सारी यादों के साथ जीवंत हो उठते हैं। यात्री जी 88 साल के हो गए। उनकी कुछ बातें और एक कहानी.. आदमी कहां है…

Posted Date:

July 10, 2020

6:45 pm
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