तीजन बाई की दुनिया और पंडवानी का संसार…

जिन्होंने अब तक तीजन बाई से आमने सामने बैठकर पंडवानी नहीं सुनी है वो नहीं समझ सकते कि इसका मतलब क्या है. जिन्होंने फ़िल्मों के अलावा ओपेरा, बैले, सिम्फ़नी और फ्लेमिंको का अनुभव नहीं किया है वे इस तुलना को भी नहीं समझ सकते. तीजन बाई छत्तीसगढ़ की धरती से निकलती हैं और पूरी दुनिया को मंत्रमुग्ध कर देती हैं. बावजूद इसके कि लोग छत्तीसगढ़ी नहीं जानते लेकिन वे इस अनजान भाषा में गढ़े जा रहे आख्यान को ठीक तरह से समझते हैं. तीजन बाई के जन्मदिन पर विनोद वर्मा की कलम का कमाल… 

Posted Date:

April 24, 2020

8:56 pm
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