वो जब याद आए, बहुत याद आए…

साठ से अस्सी के दशक को फिल्म संगीत का सुनहरा दौर कहा जाता था और तब के मधुर गाने आज भी लोगों की ज़ुबान पर हैं। इस दौर को इतना मधुर और यादगार जिन आवाज़ों ने बनाया उनमें मोहम्मद रफी, मुकेश, किशोर कुमार, मन्ना डे, महेन्द्र कपूर, हेमंत कुमार, तलत महमूद, लता मंगेशकर, आशा भोंसले, शमशाद बेगम जैसे नाम हैं जिनकी आवाज़ दिल के भीतर तक उतर जाती थी। इन्हीं में से एक आवाज़ है मोहम्मद रफ़ी साहब की। 31 जुलाई को रफ़ी साहब को गुज़रे 40 साल हो गए। लेकिन वो जो विरासत छोड़ गए हैं वह अनमोल है और भारतीय फिल्म संगीत के लिए एक धरोहर है। आज भी रफ़ी साहब का जब कोई गीत बजता है तो हमें एक नई दुनिया में ले जाता है।

Posted Date:

July 31, 2020

2:45 pm
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