कोरोना काल: डिजिटल रचनात्मकता का साल

विश्व पुस्तक मेला से शुरु हुआ ये सफर साल के गुजरते गुजरते वर्चुअल दिल्ली पुस्तक मेले तक पहुंच गया जिसमें दुनिया भर के करीब ढाई लाख लोगों ने हिस्सा लिया और जिसमें करीब सौ प्रकाशकों की नौ हजार पुस्तकें प्रदर्शित की गईं। तमाम सरकारें और उनकी साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्थाएं और विभाग कोरोना काल के दौरान से ही डिजिटल हो गए और धुआंधार तरीके से हर महीने सैंकड़ों वर्चुअल कार्यक्रम करते रहे जिससे कोरोना काल में साहित्य, संस्कृति का एक नया स्वरूप उभर कर सामने आया। अब आप इसे पसंद करें या न करें, लेकिन इस दौर ने ये एक नई संस्कृति तो पैदाकी ही है और बेशक 2020 इसके लिए याद किया जाएगा।

Posted Date:

December 28, 2020

10:29 pm
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