‘विद्रोही से क्रान्तिकारी में बदलने की कथा’

जिस ज़माने में जुझारू कॉमरेड गंगा प्रसाद ने लखनऊ के लेनिन पुस्तक केन्द्र को तमाम प्रबुद्ध लोगों के लिए स्वस्थ बहस मुबाहिसे का केन्द्र बना दिया, वो दौर ही कुछ और था। दो साल पहले 4 अप्रैल को गंगा प्रसाद अपनी विरासत छोड़कर हमेशा के लिए चले तो गए लेकिन उन्हें शिद्दत से याद करने वालों की कमी नहीं। लखनऊ के लेनिन पुस्तक केन्द्र में गंगा प्रसाद के दूसरे स्मृति दिवस का आयोजन जन संस्कृति मंच ने किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने गंगा प्रसाद के जीवन व कर्म पर अपने विचार रखे तथा उनके साथ की स्मृतियों को साझा किया।

Posted Date:

April 7, 2019

9:57 am
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