देथा की कहानियां महज ‘कहानियां’ नहीं हैं….

विजयदान देथा ने साहित्य को क्या दिया और उनकी कहानियों पर बनी कुछ चुनिंदा फिल्मों ने अपनी क्या छाप छोड़ी, ये समझना है तो देथा का जानना ज़रूरी है। बेशक वो राजस्थान के हों, उनकी कहानियों में परिदृष्य भी वहीं के हों, लेकिन जो सवाल उन्होंने उठाए और जिस रचना संसार के लिए वो जाने जाते हैं उसका दायरा बहुत बड़ा है। चार साल पहले 10 नवंबर को विजयदान देथा ने अंतिम सांस ली, लेकिन अपनी रचनाओं में वो हमेशा हम सबके बीच हैं।

Posted Date:

November 9, 2017

8:38 pm
Copyright 2020 @ Vaidehi Media- All rights reserved. Managed by iPistis