मंच पर कहानियों का कोलाज

रंग समीक्षक रवीन्द्र त्रिपाठी का कॉलम —  बतौर रंग निर्देशक विनय शर्मा की पहचान राष्ट्रीय रही है। विनय लंबे अरसे से कोलकाता में रंगमंच पर सक्रिय हैं और श्यामानंद जालान ने उन्हें अपनी रंगसंस्था `पदातिक’ से जोड़ा। वे निर्देशन के अलावा लेखन और अभिनय में भी अपनी अच्छी पहचान बना चुके हैं। वे एक बेहतरीन अभिनेता हैं इसकी मिसाल दिल्ली के दर्शकों को तब मिली जब पिछले हफ्ते अक्षरा थिएटर में `हो सकता है दो आदमी दो कुर्सियां’ का मंचन हुआ। ये विनय शर्मा का ही लिखा दो पात्रों का नाटक है और इसमें एक अभिनेता वे खुद हैं और दूसरे हैं अशोक सिंह। अशोक सिंह भी कोलकाता के चर्चित अभिनेता हैं। निर्देशन भी विनय शर्मा का ही है।

Posted Date:

August 1, 2019

3:42 pm
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