बंटवारे का दर्द, संस्कृति और सतीश गुजराल

एक कलाकार सिर्फ सम्मानों या रिश्तों से बड़ा नहीं होता। सतीश गुजराल के चित्रों और तमाम कलाकर्म में जो संवेदना दिखती है, वह उन्हें उस पहचान से कहीं दूर खड़ा करती है कि वो पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के छोटे भाई थे या उन्हें पद्म विभूषण या कला का राष्ट्रीय पुरस्कार तीन तीन बार मिल चुका था। दरअसल जिस कलाकार ने विभाजन का दर्द देखा हो, महसूस किया हो और जिसकी दृष्टि समाज के तमाम वर्गों और हिस्सों पर ज्यादा गई हो, जाहिर है उसके रंग, कलाकृतियां और मूर्तिशिल्प उसे संवेदना के कई आयामों तक ले जाती है।

Posted Date:

March 27, 2020

2:34 pm
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