प्रयाग शुक्ल के रेखांकन की भाषा

प्रयाग शुक्ल के ये रेखांकन रेखा या रेखाओं की भाषा में कविता भी हैं और आलोचना भी।  कला समीक्षा में लंबे समय तक सक्रिय होने के कारण आलोचक में भी  वो अंतश्चेतना आ सकती  है जो किसी कलाकार में होती है। वैसे उच्च स्तर की कला और उच्च स्तर के कला लेखन में कोई तात्विक भेद नहीं होता। दोनों एक तरह से सृजन हैं और इसी कारण दुनिया के बड़े कवि कला-आलोचक भी हुए हैं। बहरहाल, ये सब कला चिंतन का विषय है।  रवीन्द्र त्रिपाठी का आलेख…

Posted Date:

May 25, 2020

8:14 pm
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