जाने माने कवि ज्ञानेंद्रपति को नागार्जुन सम्मान

जाने माने कवि ज्ञानेंद्रपति को इस बार का नागार्जुन सम्मान दिया जा रहा है। इससे जुड़ी विस्तृत जानकारी मशहूर कवि और निर्णायक मंडल के सदस्य मदन कश्यप ने मीडिया को दी। अपनी अनूठी काव्यभाषा में रचनात्मक प्रतिरोध के लिए सुप्रसिद्ध कवि ज्ञानेन्द्रपति निराला, नागार्जुन और मुक्तिबोध की काव्य संवेदना को विस्तार देने वाले कवि हैं। 01 जनवरी 1950 को पथरगामा, झारखंड में जन्मे श्री ज्ञानेन्द्रपति के ‘आँख हाथ बनते हुए, शब्द लिखने के लिए ही यह कागज़ बना है, गंगातट, संशयात्मा, भिनसार, गंगा- बीती जैसी कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।

Posted Date:

June 24, 2021

10:49 am
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