गोरख पांडेय के काव्य में सादगी और सौंदर्य है

लखनऊ में जनकवि गोरख पांडेय को जन संस्कृति मंच ने शिद्दत से याद किया। गोरख की याद में आयोजित कार्यक्रम में ये बात सामने आई कि हिन्दी कविता की जो सुदीर्घ परम्परा है, उसकी समकालीन काव्य धारा के शीर्ष पर गोरख पाण्डेय है। एक तरफ उनमें जहां क्रान्तिकारी विचार की गहराई है, वहीं उनका शिल्प इस कदर तराशा हुआ है कि उसका सौदर्य देखते ही बनता है। जहां समकालीन कविता में मध्यवर्गीय बौद्धिक चिन्तन हावी है जिसका आम जनता से संवाद नहीं है, वहीं गोरख अकेले या अग्रणी कवि हैं जो संवाद करते हैं।

Posted Date:

January 29, 2019

2:05 pm
Copyright 2020 @ Vaidehi Media- All rights reserved. Managed by iPistis