गुलजार देहलवी : तुम याद करोगे हमारे बाद हमें

आनंद मोहन जुत्शी उर्फ गुलज़ार देहलवी साहब बेशक  94 साल के रहे हों, लेकिन उनके भीतर का शायर बदस्तूर अपनी पूरी रवानगी के साथ मौजूद था। उनके गुज़रने से दिल्ली वालों का  वोअज़ीम शायर चला गया जिसकी मौजूदगी का एहसास हर आम ओ खास महफ़िल में ज़रूर होता था। गुलज़ार देहलवी साहब तमाम मंचीय शायरों की उस फ़ौज का हिस्सा नहीं थे, जिनकी मार्केटिंग और वाहवाही के लिए एक पूरी जमात लगी रहती हो लेकिन उनकी शख्सियत को शायरी के बाज़ार का हर शायर सलाम ज़रूर करता था। जाने माने पत्रकार विवेश शुक्ल ने नवभारत टाइम्स में गुलज़ार साहब को कुछ यूं याद किया।

Posted Date:

June 13, 2020

2:10 pm
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