कोरोना काल के बहाने शानी की याद…

किसी भी संवेदनशील व्यक्ति के लिए इन दिनों का माहौल एक टीस पैदा करने वाला है। बीमारियां, महामारियां और कई तरह की त्रासदियां आती जाती रही हैं लेकिन इस बार यहां नफ़रत का वायरस एक बेहद खतरनाक अंदाज़ में फैला है। इसकी कोशिश तो पिछले कई दशकों से चलती आ रही है, लेकिन कोरोना काल ने इसके लिए एक उर्वर ज़मीन पैदा कर दी है। पत्रकार संजीव सिंह ने इसी बहाने  मुसलमानों के अंतर्मन को  समझने के लिए गुलशेर खां ‘शानी’ को याद किया है, उनके चर्चित उपन्यास ‘काला जल’ की चर्चा की है …

Posted Date:

April 22, 2020

2:38 pm
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