कैमरे की आंख और बनारस का गंगा घाट

बनारस का अपना ही रस है। बनारस के गंगा तटों की अपनी संस्कृति है। मौज मस्ती और बिंदास जीवन शैली के अद्भुत नज़ारे आपको बनारस के सभी घाटों पर मिल जाएंगे। क्रिकेट खेलने के लिए यहां बच्चों को किसी मैदान या स्टेडियम की ज़रूरत नहीं – गंगा मइया के किनारे इसका जो मज़ा है, वो तो यहां खेलने वालों को ही पता है। सैलानी चाहे देसी हों या बिदेसी, इन घाटों पर उनकी मस्ती अपना अलग रंग बिखेरती है। और तो और गंगा की कलकल धारा में अगर छलांग न लगाई और तैरने का आनंद न उठाया तो बचपन को ठीक से जिया ही नहीं। और अगर इन पलों को रवि बत्रा के कैमरे की आंख ने पकड़ा हो तो फिर बात ही क्या है।

Posted Date:

February 21, 2018

3:20 pm
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