एक अलोने-सलोने आसमान का रीता हो जाना

सिनेमा के शहंशाह आप उन्हें कह सकते हैं। सिनेमा को नई परिभाषा देने वाले और अभिनय को एक ऊंचाई तक पहुंचाने वाले दिलीप कुमार पर तमाम लोग अपने अपने तरीके से अभिव्यक्त कर रहे हैं। फिल्मों को करीब से देखने और महसूस करने वाले जाने माने पत्रकार और लंबे समय तक जनसत्ता से जुड़े रहे प्रताप सिंह ने दिलीप कुमार को कैसे देखा, कैसे याद किया और कैसे उन्हें महसूस किया.. 7 रंग के लिए उनका ये शानदार आलेख….

Posted Date:

July 7, 2021

5:08 pm
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