आदमी हूं आदमी से प्यार करता हूं…

92 साल की उम्र में भी बेहद सक्रिय और उम्मीदों से भरे मशहूर कवि और गीतकार गोपालदास नीरज को सुनना एक अनुभव से गुज़रने जैसा है। देश और समाज को, रिश्तों और रिवाज़ों को, सियासत और सियासतदानों को अपने तरीके से देखने वाले नीरज जी ने बेहिसाब लिखा है और लिख रहे हैं। अलीगढ़ के अपने घर में नीरज जी अपने फ़ुरसत के पल गुज़ारते हैं लेकिन आज भी शायरी, कविता और गीतों की कोई भी खास महफ़िल बगैर नीरज जी के पूरी नहीं होती। यही रचनात्मकता उनकी अद्भुत ऊर्जा का राज़ है और एक बेहतर दुनिया की उम्मीद ही उनकी रचनाओं की आत्मा।

Posted Date:

December 7, 2016

5:28 pm
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