आख़िर ज़िंदगी की ज़ंग हार गए राहत इंदौरी

उनका जाना बेशक मौजूदा दौर में शायरी की दुनिया में एक बहुत बड़े शून्य की तरह है… राहत इंदौरी साहब की अपनी खास अदा थी, पढ़ने का खास अंदाज़ था.. लेकिन जब वो पढ़ते थे तो बहुत सारे दर्द भी छलकते थे और ज़िंदगी की हकीक़त भी बयां होती थी.. किसे पता था कि अचानक कोरोना  उन्हें भी  इस तरह अपनी चपेट में ले लेगा और महज एक दिन में ही इंदौरी साहब ज़िंदगी की जंग हार जाएंगे। इंदौर के अरबिंदो अस्पताल में उन्हें सोमवार को ही भर्ती कराया गया था, लेकिन मंगलवार को ही उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।

Posted Date:

August 11, 2020

6:08 pm
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