ताज़ा अपडेट
सकारात्मक सोच के लिए बहुत कारगर है म्युज़िक थेरेपी
mm 7 Rang
June 2, 2021

बनारस घराने के कई जाने माने कलाकारों ने संगीत से मुश्किल से मुश्किल बीमारियों के इलाज और इसके असर को लेकर कई अहम बातें कही हैं। इन कलाकारों में उस्ताद बिस्मिल्ला खां की दत्तक पुत्री जानी मानी लोक और शास्त्रीय गायिका पद्मश्री डॉ सोमा घोष और तृप्ति शाक्य के अलावा मशहूर सितारवादक पंडित देवव्रत मिश्र और वायलिनवादक सुखदेव प्रसाद मिश्र, फिल्मकार शुभेन्दु घोष और मानवाधिकार कार्यकर्

Read More
एक हिमनद बिछड़ गया…
mm 7 Rang
May 21, 2021

सुंदरलाल बहुगुणा के देह त्यागने के साथ ही आज जैसे एक हिमयुग का अंत हो गया. लेकिन वास्तव में देह तो उन्होंने दशकों पहले तब ही त्याग दी थी जब हिमालय और नदियों की अक्षुण्णता बनाए रखने और बांधों से उन्हें न जकड़ने की मांग को लेकर उन्होंने लंबे सत्याग्रह और उपवास किए. प्रकृति की ख़ातिर तभी वो विदेह हो चुके थे. अपने शरीर को कष्ट दे ये समझाने की कोशिश करते रहे कि कुदरत का कष्ट कहीं ज़्यादा बड

Read More
प्रकृति के सुकुमार कवि सुमित्रानंदन पंत की याद
mm 7 Rang
May 20, 2021

अपनी कविता के माध्यम से प्रकृति की सुवास सब ओर बिखरने वाले  कवि सुमित्रानंदन पंत का जन्म कौसानी (जिला बागेश्वर, उत्तराखंड) में 20 मई, 1900 को हुआ था। जन्म के कुछ ही समय बाद मां का देहांत हो जाने से उन्होंने प्रकृति को ही अपनी मां के रूप में देखा और जाना। दादी की गोद में पले बालक का नाम गुसाई दत्त रखा गया; पर कुछ बड़े होने पर उन्होंने स्वयं अपना नाम सुमित्रानंदन रख लिया। सात वर्ष की अवस्था से

Read More
नुक्कड़ कविता आंदोलन के अहम किरदार थे डॉ राजहंस
mm 7 Rang
May 8, 2021

बिहार में नुक्कड़ कविता आंदोलन का जब भी ज़िक्र होगा, जब भी जेपी आंदोलन के दौरान कविता की नई धारा की चर्चा होगी, डॉ रवीन्द्र राजहंस का नाम बेहद गर्व के साथ लिया जाएगा। याद आते हैं 1974 आंदोलन के वो दिन जब पटना में हर शाम किसी न किसी नुक्कड़ पर हिन्दी के सुप्रसिद्ध कहानीकार फणीश्वरनाथ रेणु की अगुवाई में डॉ रवीन्द्र राजहंस के साथ सत्यनारायण, गोपी वल्लभ, बाबूलाल मधुकर, परेश सिन्हा समेत कई य

Read More
चला गया शब्दों का चित्रकार…
mm 7 Rang
April 29, 2021

एक बेहद जीवंत और उम्मीदों से भरे कवि-गीतकार कुंअर बेचैन का जाना आहत करने वाली ख़बर है... गाज़ियाबाद में अमर उजाला का संपादक रहते हुए मैं डॉ  बेचैन के करीब आया... उनसे मुलाकातें हुईं.. उनकी जीवंतता का गवाह बना... शहर के तमाम अति वरिष्ठ और आदरणीय शख्सियतों को हमने अपने अखबार के जरिये सम्मानित करने का एक छोटा सा प्रयास किया। उनके अनुभवों को अखबार में विस्तार से छापा...उन्हीं में हमारे डॉक्टर

Read More
जो धर्म भाई को बेगाना बनाता है, ऐसे धर्म को धिक्कार!
mm 7 Rang
April 9, 2021

आखिर राहुल सांकृत्यायन में ऐसा क्या है जो उन्हें बार बार पढ़ने और याद करने की ज़रूरत महसूस होती है? आखिर मौजूदा दौर में राहुल सांकृत्यायन क्यों ज़रूरी हैं? क्यों उनकी किताब 'वोल्गा से गंगा' का ज़िक्र हमेशा आता है और क्यों एक ब्राह्मण होने के बाद भी उन्होंने ब्राह्मणवाद और ढकोसलों का खुलकर विरोध किया? उनके तार्किक विश्लेषणों और समाज को देखने के उनके नज़रिये ने कैसे एक नए समाज की परि

Read More
साहिबजान :  दर्द की अंतहीन दास्तान…
mm 7 Rang
March 31, 2021

वो पाकीज़ा की साहिबजान थीं... वो साहिब बीवी और गुलाम की छोटी बहू थीं...वो बैजू की गौरी थीं.. दो बीघा ज़मीन की ठकुराइन थीं...परिणीता की ललिता थीं...और सबसे बड़ी उनकी पहचान थी ट्रेजेडी क्वीन की... लेकिन असल में वो महज़बीं बानो थीं...एक बेहतरीन शायरा...एक तड़पती हुई बेचैन अदाकारा...बहुत कुछ थीं मीना कुमारी। 31 मार्च को महज 38 साल की ज़िंदगी जीकर मीना ने दुनिया को अलविदा कह दिया...उनकी ज़िंदगी में कमाल

Read More
दुनिया की सरहद के पार… सागर सरहदी का संसार
mm 7 Rang
March 22, 2021

सागर सरहदी का जाना एक ऐसे तरक्कीपसंद शख्स का जाना है जिसकी झोली में सिलसिला, कभी कभी और चांदनी भी है तो बाज़ार और चौसर भी...  सागर सरहदी में यश चोपड़ा की ज़रूरतों के मुताबिक ढलने की कला भी है तो वक्त के साथ देश और समाज को बारीकी से देखने का अपना नज़रिया भी... सरहदी साहब बीमार चल रहे थे... 88 साल के हो चुके थे... लेकिन अब भी बेहद संज़ीदे तरीके से वक्त को देखते समझते थे। '7 रंग' के लिए सागर सरहदी को या

Read More
‘महफ़िल-ए-बारादरी’: नारी की पीड़ा को मिली आवाज़
mm 7 Rang
March 15, 2021

सिल्वर लाइन प्रेस्टीज स्कूल की नेहरू नगर शाखा में आयोजित 'महफ़िल-ए-बारादरी' में कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. सीता सागर ने कहा कि "महफ़िल ए बारादरी" ने अदब की दुनिया में जल्द ही ऊंचा मुकाम हासिल कर लिया है। अपने मुक्तक एवं गीतों पर उन्होंने जमकर सराहना बटोरी। उन्होंने कहा "आईने पर नज़र नहीं रहती, फिक्र इधर कोई नहीं रहती, मेरी दीवानगी का आलम है, खुद को खुद की खबर नहीं रहती।" अगले मुक्तक में उन्ह

Read More
‘मैं भी उठूं, तुम भी उठो, चलो दीवार में इक खिड़की खोलें’
mm 7 Rang
February 8, 2021

गाजियाबाद में साहित्य की एक स्वस्थ और समृद्ध परंपरा रही है और इसे आज के दौर में जीवंत रखने का अद्भुत काम कर रहा है मीडिया 360 लिट्ररी फाउंडेशन। कोरोना काल के दौरान करीब एक साल तक बंद पड़ी गतिविधियों के बाद जब इस संस्था ने 7 फरवरी को गाजियाबाद में कथा संवाद को फिर से शुरु किया तो मानो हर किसी के भीतर का साहित्यकार और साहित्य के प्रति उसकी जायज चिंता फिर से जाग उठी। बड़ी संख्या में लोग होट

Read More
Copyright 2020 @ Vaidehi Media- All rights reserved. Managed by iPistis