परंपरा के बंधन में बंधे दो देश

साउथ कोरिया का यूपी कनेक्शन

साउथ कोरियाइस देश को दुनिया ‘शांत सुबह की भूमि’ के रुप में भी जानती है। ये देश पूर्वी एशिया में कोरियाई प्रायद्वीप के दक्षिणी अर्धभाग को घेरे हुए है। भारत के साथ भी दक्षिण कोरिया के व्यापारिक और आर्थिक रिश्ते अच्छे रहे हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत और दक्षिण कोरिया के बीच एक मजबूत पारंपरिक रिश्ता भी है जिसने आज तक दोनों देशों के लोगों के मजबूती से बांध रखा है और साउथ कोरिया के लोग इसी परंपरा को निभाने हर साल भारत आते हैं।

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दरअसल दक्षिण कोरिया के लोगों का अयोध्या से अटूट रिश्ता है। हर साल दक्षिण कोरिया के लोग अपने पूर्वजों को याद करने अयोध्या आते हैं। अब आपको बताते हैं कि इसके पीछे की पूरी कहानी आखिर है क्या। दरअसल उत्तर प्रदेश के अयोध्या में हर साल साउथ कोरिया  के लोग अपने देश की महारानी हुर ह्वांग ओके को याद करने के लिए आते हैं। शादी से पहले महारानी अयोध्या की राजकुमारी हुआ करती थी और उनका नाम सूरीरत्ना था। उनकी शादी करक वंश के राजा किम सुरो के साथ सन ४८ ई. पश्चात हुई। माना जाता है कि वो गेमग्वान गया के राजा सुरो की रानी बनी। करक वंश के लोग आज भी अयोध्या को ही महारानी का मायका समझते हैं और इसलिए हर साल महारानी के स्मारक के दर्शन करने अयोध्या आते हैं।

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पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साउथ कोरिया गए थे, तब दोनों देशों ने अयोध्या की महारानी का एक बड़ा स्मारक बनाने के प्रस्ताव पर सहमति जताई थी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी कोरिया के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक में कहा कि महारानी का स्मारक कोरियन स्थापत्य के हिसाब से ही बनाया जाएगा।

Posted Date:

November 29, 2016

7:42 am

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