निराला : एक याद या विषाद !
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February 13, 2019

वसन्त पंचमी मतलब वाणी पुत्र कवि निराला की सालगाँठ। कौन सी थी? बहस अभी जारी रहेगी। निराला किस सदी के थे? वे तो एक युग के हैं। किन्तु युग के मायने भी एक सीमित काल खण्ड से ही होगा। निराला तो कालजयी हैं। ऐसी हस्ती को एक सदी या एक युग के दायरे में बाँधने की मजाल कौन करें? फिर भी चन्द फितरतियों ने वृथा चर्चा चलवा दी थी।

जॉर्ज फर्नांडिस की कुछ अनसुनी कहानियां…
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February 2, 2019

पूरा देश जॉर्ज फर्नांडिस को अपने अपने तरीके से याद कर रहा है। आम आदमी से जुड़े, संघर्षों में तपे और सादगी के पर्याय जॉर्ज साहब बरसों से गुमनामी के अंधेरे में गंभीर बीमारी से अकेले जूझ रहे थे। फिर 29 जनवरी 2019 को आखिरकार उन्होंने सबको हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। जाने माने वरिष्ठ पत्रकार के. विक्रम राव ने उनके साथ लंबा वक्त बिताया, संघर्ष के दिनों के साथी रहे, इमरजेंसी के दौरान जेल में सा

आज का ‘प्रधान सेवक’ तब क्या था…
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January 21, 2019

करीब तीन दशक बाद गत सप्ताह गायकवाड़ी नगर बडौदा (आज बड़ोदरा) प्रवास का मौका मिला| पत्रकार सुरक्षा हेतु राष्ट्रीय कानून को लेकर गुजरात और महाराष्ट्र के दौरे पर गया था| कुल आधी सदीवाले अपने पत्रकारी जीवन का श्रेष्ठतम दौर यहीं गुजरा था| कवि जार्ज बायरन ने लिखा था कि सुखद स्मृतियों के मुकाबले दर्दभरी यादें अधिक स्थायी होती हैं| इसीलिए इस यात्रा में घनीभूत पीड़ा (प्रसाद की कामायनी वाली)

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